नए वाहन खरीद चुके 60 हजार दिल्लीवासी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की फीस जमा कराने के बावजूद नंबर प्लेट लगाने नहीं पहुंच रहे हैं।
प्लेट लगाने वाली कंपनी के केंद्रों और डीलर्स के पास प्लेटों का स्टॉक जमा हो गया है।
यह तब है जब सुप्रीम कोर्ट ने वाहन डीलरों को बिना एचएसआरपी लगाए वाहन की डिलीवरी नहीं देने के आदेश जारी कर रखे हैं।
जानकारी के मुताबिक बगैर एचएसआरपी के वाहन चला रहे लोगों की सूची ट्रैफिक पुलिस को भेज दी गई है। कभी भी वाहन मालिक के घर नंबर प्लेट नहीं लगवाने का चालान आ सकता है।
राजधानी में 215 रजिस्टर्ड डीलर हैं जिनके शोरूम पर एचएसआरपी लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। लेकिन कई डीलर्स से बिना नंबर प्लेट लगवाए वाहन डिलीवरी कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि राजधानी में 1 मई, 2012 के बाद रजिस्टर सभी वाहनों में एचएसआरपी की अनिवार्यता लागू है।
अभी तक 7.5 लाख वाहनों में प्लेट लगाई जा चुकी है।
यहां करें संपर्क
hsrp.customercare@gmail.com
हेल्पलाइन नंबर 1800-1200-201 पर भी ले सकते हैं सहायता
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एचएसआरपीदेलही.कॉम सूचना मिल सकती है
वेबसाइट transport.delhigovt.nic.in प्रक्रिया की जानकारी
नंबर प्लेट के बदले न दें इससे अधिक राशि
दुपहिया वाहनों के नंबर प्लेट सेट 69 रुपये
तिपहिया वाहन में तीसरी प्लेट सहित सेट 86 रुपये
कार/हल्के मोटर वाहन में तीसरी प्लेट सहित 213 रुपये
ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन प्लेट सेट 69 रुपये
कॉमर्शियल मध्यम व भारी वाहनों का सेट 220 रुपये
एक साल में टूटने लगी एचएसआरपी
राजधानी के वाहनों में लगने वाली एचएसआरपी की प्लेट एक साल में ही टूटने लगी है।
टूटने की सबसे ज्यादा शिकायतें बाइक की नंबर प्लेट में है। कंपनी अधिकारी मानते हैं कि अभी तक करीब 700 नंबर प्लेट बदले जा चुके हैं।
सेंटर पर अधिक पैसे वसूलने की भी शिकायतें
कुछ जगह पोस्टर लगाकर नंबर प्लेट लगवाने की दुकानें खुल गई हैं। टेलीफोन नंबर भी दिए गए हैं।
ऐसे ही एक केंद्र पर फोन करने पर यह भी साफ हुआ कि वहां 213 रुपये की प्लेट के बदले 1500 रुपये की मांग की जा रही है।