नई दिल्ली में विशेष बिजली अदालत ने बिजली चोरी के तीन अलग-अलग मामलों में चार दोषियों को सजा सुनाई और एक करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना किया है। सभी मामले बिजली कंपनी बीएसईएस इलाके के हैं।
पहला मामला
कड़कड़डूमा स्थित विशेष बिजली अदालत के न्यायाधीश डॉ. शहाबुद्दीन ने बिजली चोरी के मामले में फैक्ट्री मालिक मुकेश गुप्ता को तीन साल की कैद की सजा सुनाई।
अदालत ने उसे एक करोड़ नौ लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।
पेश मामले के मुताबिक पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी इलाके में मुकेश गुप्ता की वायर डाइंग फैक्ट्री थी।
बीवाईपीएल की एनफोर्समेंट टीम ने चार जनवरी 2006 को फैक्ट्री में छापा मारकर 102 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी थी।
कंपनी ने फैक्ट्री मालिक मुकेश पर एक करोड़ 37 लाख रुपये जुर्माना लगाया लेकिन उसने जुर्माने की रकम देने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद मुकेश के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
दूसरा मामला
साकेत स्थित विशेष बिजली अदालत के न्यायाधीश राकेश तिवारी ने जोशी इंटरप्राइजेज की मालकिन को टेलरिंग यूनिट में चोरी का बिजली इस्तेमाल करने का दोषी पाया।
अदालत ने दोषी को एक वर्ष की कैद की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 4.6 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।
तीसरा मामला
द्वारका स्थित विशेष बिजली अदालत के न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता ने बिजली चोरी के मामले में रमेश चंद मुदगिल और अलीमुद्दीन को संयुक्त रूप से 15 लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।
जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर छह माह की सजा भुगतनी होगी।
पश्चिमी दिल्ली के द्वारका में रमेश और अलीमुद्दीन पर अपनी फैब्रिकेशन यूनिट में चोरी की बिजली इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था।
मामले की जांच के दौरान पता चला था कि फैक्ट्री में 16 किलोवाट बिजली चोरी की जा रही थी।
कंपनी की ओर से उन पर लगाए गए जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर 2008 में दोनों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था।