नई दिल्ली के बाइस साल पुराने एमबीबीएस सीट घोटाला मामले में राज्यसभा सांसद रशीद मसूद के साथ सजा पाने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी अमोल कुमार राय और दो छात्रों ने जिला अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अपील में याचिकाकर्ताओं ने सजा को निलंबित रखने की मांग की है।
न्यायमूर्ति हीमा कोहली ने अमोल कुमार राय और दो छात्रों की अपील पर सुनवाई के बाद सीबीआई को नोटिस जारी कर 25 अक्तूबर तक जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
तीस हजारी स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने एक अक्तूबर को राज्यसभा सांसद रशीद मसूद के अलावा सह-आरोपी पूर्व आईपीएस गुरदयाल सिंह और पूर्व आईएएस अमोल कुमार राय को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई थी।
नौ छात्रों को भी दोषी ठहराते हुए एक-एक साल कैद की सजा सुनाई थी।
मामला वर्ष 1990-91 में केंद्रीय कोटे से गैर उम्मीदवार छात्रों को देश के मेडिकल कॉलेजों में सीटें दिलवाने से जुड़ा है। जब यह घोटाला हुआ, उस वक्त वीपी सिंह प्रधानमंत्री थे और रशीद मसूद उनकी सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री थे।
मामला त्रिपुरा राज्य के कोटे से 1990-91 में एमबीबीएस कोर्स की सीटों पर अयोग्य छात्रों को आवंटन से जुड़ा है।
त्रिपुरा में कोई मेडिकल कॉलेज न होने के कारण वहां के छात्रों को केंद्र सरकार की ओर से अन्य राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में सीटें दी जाती थीं।
सीटों का आवंटन केंद्रीय मंत्रालय से जारी नामांकन पत्र के जरिए होता था। इन्हीं पत्रों के आवंटन में धांधली की गई थी।