कैसा हो अगर छात्र अपनेआइडिया को खुद के ही हुनर से पकाते हुए नजर आएं।
सिर्फ इतना ही नहीं वही आइडिया विकसित होकर उनके लिए नौकरी के बेहतर दरवाजे भी खोल दे।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रों के ऐसे ही सपनों को पूरा करने की तैयारी में जुट गया है।
विवि का क्लस्टर इनोवेशन सेंटर (सीआईसी) छात्रों के प्रोजेक्ट आइडिया को आगे बढ़ाने का काम करेगा।
इसके लिए कॉलेजों में रोबोटिक्स लैब स्थापित की जाएगी। लैब स्थापित करने के लिए आईआईटी मुंबई व सीआईसी के बीच एक करार हुआ है।
डीयू के सीआईसी के प्रमुख प्रो एमएम चतुर्वेदी ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रोजेक्ट ई-यंत्र के लिए सीआईसी को पहला नोडल सेंटर बनाया गया है।
इस प्रोजेक्ट के तहत आईआईटी मुंबई के सहयोग से कॉलेजों में रोबोटिक्स लैब स्थापित की जाएंगी। जहां छात्र रोबोटिक्स पर आधारित गतिविधियां व प्रोजेक्ट पूरा करेंगे।
सीआईसी में सहायक प्रोफेसर व इस प्रोजेक्ट से जुड़ी शोभा बगई ने बताया कि यह उन कॉलेजों में मार्च 2014 तक रोबोटिक्स लैब की स्थापना की जाएगी जहां इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई होती है।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में ई-यंत्र की तरफ से छात्रों को प्रोजेक्ट के लिए आइडिया दिए जाएंगे। हालांकि बाद में छात्र अपने आइडिया के आधार पर प्रोजेक्ट तैयार कर सकेंगे।
लैब में छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए हर कॉलेज के चार शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है अब यह शिक्षक अगले चरण में छात्रों को प्रशिक्षित करेंगे।