दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा के जिस आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, उसका मास्टरमाइंड नगीना, मेवात निवासी मोहम्मद सुभान है।
वह पाकिस्तान भी जा चुका है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं दूसरी ओर इस मेवात मॉड्यूल का मुजफ्फरनगर (यूपी) से लिंक है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकी मॉड्यूल का एक सदस्य मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।
उन्होंने इसकी पुष्टि की है कि स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इस मॉड्यूल का मुजफ्फरनगर दंगों से कोई संबंध तो नहीं है।
बता दें कि गत वर्ष अक्तूबर में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि कुछ आईएसआई एजेंट मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के संपर्क में थे।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद सुभान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा कमांडर के सीधे संपर्क में था।
भारत में आतंकी हमलों के लिए वह युवकों को बरगला रहा था। पुलिस के पकड़े जाने के डर से वह लश्कर कमांडर से खुद सीधे बात नहीं करता था, बल्कि मोहम्मद राशिद से लश्कर कमांडर की बात करवाता था।
मोहम्मद सुभान ने ही राशिद को लश्कर कमांडर का मोबाइल नंबर दिया था। राशिद लश्कर कमांडर से बात करने के लिए फर्जी पते पर लिए गए मोबाइल सिमों का प्रयोग कर रहा था।
अमर उजाला पहले ही यह खबर प्रकाशित कर चुका है कि मेवात मॉड्यूल में यूपी का एक व्यक्ति शामिल है।
अब स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया है कि यह व्यक्ति मुजफ्फरनगर (यूपी) का रहने वाला है।
मेवात मॉड्यूल के कई सदस्य मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान वहां थे। स्पेशल सेल ने मेवात मॉड्यूल से जुडे़ मुजफ्फरनगर के इस व्यक्ति को पकड़ने के लिए वहां के करीब आधा दर्जन लोगों से पूछताछ कर रही है।
स्पेशल सेल की टीमें मोहम्मद सुभान और मुजफ्फरनगर के इस व्यक्ति को पकड़ने लिए दबिश दे रही हैं।
मोहम्मद सुभान को पकड़ने के लिए मेवात से उसके करीब एक दर्जन से ज्यादा रिश्तेदारों व दोस्तों को पूछताछ के लिए स्पेश्ाल सेल कार्यालय में बुलाया गया था। दोनों के बारे में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।