नई दिल्ली में विपक्षी दलों ने नरेंद्र मोदी की रैली में जुटने वाली भीड़ को भुनाने की नई नीति अपनाई। राजधानी में शनिवार रात जगह-जगह ‘आया-आया, फेंकू आया’ जैसे कई स्लोगन लिखे होर्डिंग लगा दिए गए।
वहीं, गुजरात के मुकाबले दिल्ली को आंकड़ों की बाजीगरी से बेहतर करार देने वाले पंफलेट सुबह घरों में पहुंच गए। हालांकि, होर्डिंग या पंफलेट में प्रिंटलाइन नहीं है जिससे पता लगे कि किसने यह सब किया, लेकिन भाषा, आंकड़े, होर्डिंग साइट और शैली बड़ी विपक्षी पार्टी की ओर इशारा कर रहे हैं।
विपक्षी दल या नेता की तरफ से राजधानी में एक दिन में आए इन होर्डिंग व पंफलेट में मोदी का कार्टून बनाकर ‘आई लव दिल्ली करेक्टर’ की बातचीत दिखाई गई है।
शुरुआत दिल्ली सरकार की सड़कों से की गई। सड़क, सीएनजी वाहन व प्रदूषण, कर्ज मुक्त विकास, मेट्रो, घर-घर खुशहाली, अच्छे सरकारी अस्पताल की तुलना में गुजरात को बेकार बताया गया है।
इतना ही नहीं भाजपा की तरफ से पोस्टर में मोदी को शेर बताया गया तो विपक्ष के होर्डिंग और पोस्टरों में बिल्ली के चेहरे में फेस जोड़ दिया गया।
वहीं, रैली के दौरान गडकरी ने अपने भाषण में विपक्षी दल को इसके लिए आड़े हाथों भी लिया। उन्होंने कहा कि यह राजनैतिक सभ्यता नहीं है।
हमने किसी कांग्रेस नेता के बारे में देश या विदेश जाने पर हमेशा शालीनता का परिचय दिया है।