नई दिल्ली में लव-कुश रामलीला कमेटी की रामलीला में रावण का पुतला दहन करने पहुंचे फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने बताया कि आज जिस मुकाम पर पहुंचा हूं, वहां तक पहुंचाने में रामलीला का अहम योगदान है।
रामलीला में दर्शक बनने से लेकर हनुमान बनने तक का रोल निभाया है।
बॉलीवुड स्टार ने खुलासा किया कि उन्होंने बचपन और युवावस्था में रामलीला देखी है। हनुमान जी के रोल ने काफी प्रभावित किया है।
इसी से प्रेरणा लेकर मैंने स्टंट को चुना। बचपन के दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि लाल किला मैदान पर कभी दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने के साथ ही लव-कुश रामलीला को भी देखने पहुंचता था।
आज रावण का पुतला दहन कर यह संदेश देते हैं कि अधर्म कितना भी बढ़ जाए, लेकिन एक न एक दिन उसका नाश जरूर होता है।
अक्षय कुमार का बचपन पुरानी दिल्ली इलाके में ही गुजरा है। इस दौरान कई रामलीलाओं को उन्होंने देखा है। कई बार तो सपरिवार भी रामलीला देखने पहुंचते थे।
रामलीला न सिर्फ भगवान राम के आदर्श को प्रस्तुत करती है बल्कि जीवन जीने की कला को भी सिखाती है। इसी से संदेश मिलता है कि हमें अपने बड़ों का हमेशा आदर-सम्मान करना चाहिए।
रामलीला से धर्म के रास्ते पर चलने की प्रेरणा भी मिलती है।
बकौल, अक्षय रामलीला आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी पहले थी। आज भी इसे देखने के लिए लोग कहीं ज्यादा तादाद में उमड़ते हैं।
सच मायने में इससे आपसी प्रेम व भाईचारे की शिक्षा भी मिलती है।