आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली विधानसभा में अध्यक्ष का चुनाव जीतकर दूसरी परीक्षा भी पास कर ली है। ‘आप’ के प्रत्याशी मनिंदर सिंह धीर ने अध्यक्ष पद का चुनाव भाजपा के प्रो. जगदीश मुखी को हराकर जीत लिया है।
धीर जंगपुरा सीट से विधायक हैं। कार्यवाही के शुरुआती 10 मिनट में ही अध्यक्ष का चुनाव संपन्न हो गया।
हालांकि विपक्ष के नेताओं ने चुनाव की परंपरा शुरू किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई।
प्रो. जगदीश मुखी ने कहा कि अगर सदन के नेता ने संवाद किया होता तो संवैधानिक पद के लिए चुनाव की नौबत नहीं आती।
वहीं भाजपा विधायक साहब सिंह चौहान ने कहा कि अध्यक्ष किसी पार्टी का नहीं होता। पूरे सदन का होता है। विधानसभा को स्वायत्त बनाएं, सरकार की कठपुतली न बने।
सदन परंपराओं पर चलता है। विधानसभा में उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को दिया जाना चाहिए। वहीं, विधानसभा की कमेटियों में विपक्ष का ध्यान रखा जाए।
इतना ही नहीं पब्लिक अकाउंट कमेटी (पीएसी) का अध्यक्ष भी विपक्ष से होना चाहिए।
धीर को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव आप विधायक मदनलाल ने रखा था जिसका समर्थन प्रकाश ने किया था।
अध्यक्ष पद के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष से नौ प्रस्ताव मिले थे। मनिंदर सिंह धीर के समर्थन में निर्दलीय विधायक रामबीर शौकीन और जेडीयू विधायक शोएब इकबाल समेत 37 वोट पड़े।
प्रोटेम स्पीकर चौधरी मतीन अहमद ने अध्यक्ष पद का चुनाव सदस्यों को खड़ा करके कराया।
प्रस्ताव के पक्ष में जैसे ही सदस्यों को खड़ा होने के लिए कहा गया कांग्रेस के सात, आप के 28 और एक निर्दलीय व एक जेडीयू विधायक खड़े हो गए।
इस पर प्रोटेम स्पीकर ने अध्यक्ष घोषित कर दिया। विपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई तो फिर विरोध के लोगों को खड़ा कराकर गिनती की और विजयी घोषित किया।
विधानसभा अध्यक्ष के पद पर धीर के निर्वाचन के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाजपा नेता डॉ. हर्षवर्धन ने उन्हें अध्यक्ष की कुर्सी पर जाकर बैठाया और बधाई दी।
हर्षवर्धन ने कहा, मैं आपको तहेदिल से बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि आप विधानसभा की प्रतिष्ठा और परंपरा को कायम रखेंगे।