मुंबई की लाइफलाइन ‘बेस्ट’ की तर्ज पर राजधानी की डीटीसी बसों में भी तीसरी आंख से निगरानी होगी।
बेस्ट बसों में सीसीटीवी व पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम और बंगलूरू में बसों के डिपो से बाहर निकलने के शेड्यूल सॉफ्टवेयर की सफलता से उत्साहित डीटीसी अब इन स्टेट ट्रांसपोर्ट की खूबियों को अपनाने जा रहा है।
दक्षिणी दिल्ली स्थित डीटीसी के हौजखास टर्मिनल में एसोसिएशन ऑफ स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (एएसआरटीयू) की ओर से शनिवार को ‘बेस्ट प्रैक्टिस ऑन ट्रांसपोर्ट’ सेमिनार आयोजित किया।
इसमें मुंबई की बेस्ट, बंगलूरू की बीएमटीसी, चंडीगढ़ की सीटीयू और पूना के सीआईआरटी के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट पेश की।
कार्यक्रम में डीटीसी के चेयरमैन विजय कुमार ने डीटीसी की योजनाओं और खामियों की रिपोर्ट दी। बेस्ट अधिकारियों ने सीसीटीवी और पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम के बारे में बताया।
वहीं, बंगलूरू और मैसूर की लोकल सेवा में डिपो से बस निकलने के लिए कंप्यूटराइज्ड शेड्यूल इस्तेमाल होता है। इससे यात्रियों को समय पर बस तो मिलती ही है, कम कर्मियों से भी काम चल जाता है।
सीनियर मैनेजर आरएस मिन्हास के अनुसार, रिपोर्ट के आधार पर डीटीसी में ‘बेस्ट’ की तर्ज पर राजधानी की डीटीसी बसों में भी सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी।
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन, सिक्योरिटी सर्विलांस सिस्टम और फायर सेफ्टी आदि पर विस्तार से चर्चा हुई, ताकि देश की टॉप आइडियल लोकल सेवा की तर्ज पर डीटीसी में भी सुविधाएं शामिल हो सकें।