भाजपा के पिटारे से निकले कई वादे ऐसे हैं जो 2012 के एमसीडी चुनाव के वक्त भी किए गए थे।
इसी तरह 2008 के चुनावी घोषणा पत्र में भी कई वादों को एक बार फिर नई बोतल में पुरानी शराब की तरह पेश किया गया है।
इतना ही नहीं कांग्रेस और आप के कई वादों को इसमें समेटा गया है।
एमसीडी चुनाव के वक्त भी भाजपा ने दिल्ली में साप्ताहिक बाजारों को वैध करने का सपना दिखाया था।
इसी तरह मल्टी लेवल पार्किंग, लैंड फिल साइट्स को इस्तेमाल करने लायक बनाना और पर्यटन स्थल की तरह विकसित करने का वादा किया गया था।
कूड़ा रहित दिल्ली अभियान, गौशाला चलाने के लिए पर्याप्त सहायता देने का सब्जबाग दिखाया था।
इतना ही नहीं अनधिकृत बस्तियों को अधिकृत करने और वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करने की बात घोषणा पत्र में की गई थी।
साथ ही ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनाने का वादा भी किया गया था। इनमें कुछ वादे तो पूरे हुए लेकिन ज्यादातर योजनाएं खटाई में ही हैं।
नए घोषणा पत्र में 2008 के चुनावी घोषणा पत्र का भी बहुत कुछ लिया गया है। इनमें दिल्ली को पूर्ण राज्य दिलाने का सपना दिखाया गया था।
ये अलग बात है कि सत्ता में नहीं होने के कारण इसे पूरा नहीं किया गया। इसी तरह लाल डोरा बढ़ाना, यमुना को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त करना, परिवहन सुविधा का विकास और महंगाई से राहत देने की बात की गई थी।
इसी तरह तिब्बिया कॉलेज और पूर्वी दिल्ली में यूनिवर्सिटी बनाने का भी वादा था।
आप ने भी जनता से पर्यावरण फ्रेंडली दिल्ली बनाने का वादा किया है। इसमें यमुना की सफाई मुख्य है।
इसी तरह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा, बिजली बिल में 50 पतिशत की कमी, 84 दंगा पीड़ितों को सजा, भाषाई राजनीति, छात्रों को रियायती मेट्रो पास आदि मुख्य हैं। कांग्रेस ने भी कमोबेश इसी तरह का वादा किया है।
राजीव रत्न की जगह अटल पुनर्वास योजना
भाजपा ने भी अपने घोषणापत्र में जहां झुग्गी वहीं मकान देने का वादा किया है।
इसका नाम भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जन पुनर्वास योजना नाम दिया है।
वहीं, गरीबों के लिए कांग्रेस राजीव रत्न आवास योजना पर काम कर रही है। अटल युवा मिशन की बात भी कही है।
एक पेज कांग्रेस की नाकामी के नाम
सोलह पेज के घोषण पत्र में एक पेज कांग्रेस सरकार के 15 साल की नाकामी का लेखा-जोखा पेश किया है।
बिजली, पानी, अनधिकृत कॉलोनियों और इनमें सार्वजनिक सुविधाओं के अभाव के कारण सड़क दुर्घटना का जिक्र किया गया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला, कनॉट प्लेस का अधूरा काम, महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद नाबालिग लड़कियों के ट्रैफिकिंग पर सरकार को आड़े हाथ लिया गया है।
घोषणा पत्र से जाति विशेष के नेता नाराज
भाजपा के चुनावी वादों से अनुसूचित जाति के लोग बेहद नाराज हैं। इस वर्ग के नेताओं का मानना है कि 12 विधानसभा सुरक्षित हैं।
भाजपा ने सफाई कर्मचारियों के लिए महज खानापूर्ति करने का वादा किया है।
भाजपा के नेता इस बात को लेकर भी नाराजगी जता रहे हैं कि 26 नवंबर का दिन भारत के लिए काफी अहम है।
बाबा साहब अंबेडकर के प्रयास से निर्मित भारत का संविधान इसी दिन स्वीकृत किया गया था। लेकिन प्रदेश भाजपा कार्यालय में घोषणा पत्र जारी करने के दौरान भाजपा नेताओं ने उन्हें फूलमाला तक अर्पित नहीं की।
इतना ही नहीं उनके सम्मान में एक शब्द भी नहीं बोला गया।