फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीआई ने दर्ज किया अमिताभ बच्चन का बयान

Sat, 05 Oct 2013 02:07 AM IST
ध्ाीरज बेनीवाल/ नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली में वर्ष 1984 में पुल बंगश में हुए सिख विरोधी दंगा मामले की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन, कांग्रेस नेता आर के धवन और पूर्व पुलिस आयुक्त गौतम कौल के बयान दर्ज किए हैं।
विज्ञापन


सीबीआई के विश्वसनीय सूत्रों ने यह जानकारी दी है। गौतम कौल ने भी इसकी पुष्टि की है।

अदालती आदेश के बाद सीबीआई ने पुल बंगश सिख दंगों की आगे की जांच के सिलसिले में बयान दर्ज किए हैं। इस बारे में सीबीआई के मौजूदा जांच अधिकारी इंस्पेक्टर विशाल ने कहा कि किसी का बयान लेना जांच का विषय है और इसका खुलासा नहीं किया जा सकता।

पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त गौतम कौल ने बताया कि सीबीआई अधिकारी कुछ समय पहले उनके पास आए थे और उनका बयान दर्ज किया था।

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद नई दिल्ली रेंज के तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त कौल को तीन मूर्ति भवन और उसके आसपास सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

उस दौरान वहां पर अमिताभ बच्चन और उनके परिवार के सदस्य भी आए थे। कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री के सचिव स्टाफ में थे, इसलिए वह भी वहां गए थे।

कौल ने कहा कि जो लोग वहां मौजूद थे, सबका रिकॉर्ड दूरदर्शन की सीडी में है। दूरदर्शन ने इंदिरा गांधी के पार्थिव शरीर के दर्शनों का सीधा प्रसारण किया था।
विज्ञापन


गौरतलब है कि जिला अदालत ने दंगा पीड़ित लोकेंदर की पुनर्विचार याचिका पर कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ आगे जांच करने का निर्देश दिया था।

दंगा पीड़ितों का तर्क था कि सीबीआई ने इंदिरा गांधी के पार्थिव शरीर के पास मौजूद अमिताभ बच्चन, कांग्रेस नेता आरके धवन और गौतम कौल के बयान न लेकर जगदीश टाइटलर के ड्राइवर का बयान दर्ज किया और अपनी क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी। यह ठीक नहीं।

मामले में सीबीआई ने मार्च 2010 में जगदीश टाइटलर को क्लीन चिट दी थी। उसके बाद मुकदमे की सुनवाई बंद हो गई थी।

इस फैसले को दंगों में मारे गए बादल सिंह की पत्नी लोकेंदर कौर ने सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।

सत्र अदालत ने याचिका पर सुनवाई के बाद 10 अप्रैल 2013 को अपने आदेश में सीबीआई को नए गवाहों और नए तथ्यों की रोशनी में आगे जांच करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन


नानावती जांच आयोग की सिफारिशों के बाद सरकार ने 2005 में सिख दंगों की जांच का आदेश सीबीआई को दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें