इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बटन दबाने के बाद वोट किसे गया। दिल्ली इसका सबूत चाहती है। दिल्ली को ईवीएम पर पूरा भरोसा नहीं है।
यह हम नहीं, दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से कराए गए एक सर्वे की रिपोर्ट के आंकड़े बता रहे है। उसके मुताबिक दिल्ली के 69 फीसदी लोग ईवीएम विद पेपर ट्रेल के पक्ष में है।
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बीते दिनों नॉलेज, एटीट्यूड, बिहैवियर, बिलीफ और प्रेटिस एक सर्वे किया था।
आयोग की ओर से यह सर्वे चुनाव में कम मतदान के वजह जानने के लिए किया गया था। सर्वे दिल्ली के 25 विधानसभा में 4736 वोटर्स पर किया गया है।
इसमें महिला, अल्पसंख्यक माइग्रेंट व युवाओं के साथ हर वर्ग के वोटर्स शामिल किया गया था।
सर्वे के मुताबिक दिल्ली के 63 फीसदी लोग चाहते है कि ईवीएम के साथ पेपर ट्रेल लगाया जाए। इससे बटन दबाने के बाद उससे निकलने वाले प्रिंट से उन्हें पता चल जाएगा कि उनका वोट उसी को गया है जिसे उन्होंने वोट दिया है।
4 फीसदी लोगों का कहना है कि उन्हें ईवीएम पर भरोसा नहीं है जबकि 12 फीसदी लोग इसके बारे में कुछ नहीं कहना चाहते है, वह दुविधा में है।
सर्वे के अनुसार दिल्ली में कम मतदान की वजह युवा वोटर्स का कम रजिस्ट्रेशन और दिल्ली में बाहर से आकर बसने वाले लोग है।
इसकी वजह है कि उन्हें इसके बारे में सही सूचना और सहायता नहीं मिलती है। दिल्ली में महिलाएं भी कम वोट डालने के लिए बाहर निकलती है।
दिल्ली चाहती है कि मतदान बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया एसएमएस सर्विस शुरू की जाए।
सर्वे में एक खास बात यह भी सामने आई है कि दिल्ली के 24 फीसदी लोग ऐसे है जो कि वोट डालने का निर्णय दूसरे से पूछकर लेते है।
हालांकि जो लोग वोट डालते है वह पोलिंग स्टेशन पर सुरक्षा, स्टाफ और माहौल से संतुष्ट है। उनके मुताबिक पोलिंग स्टेशन पर सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद रहती है।