नई दिल्ली। तिहाड़ जेल संख्या एक में शुक्रवार को कैदियों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प और एक कैदी की मौत होने की घटना की जांच अब सतर्कता विभाग करेगा। जांच अधिकारी एक सप्ताह में रिपोर्ट तिहाड़ जेल प्रशासन को सौंपेंगे। तिहाड़ जेल की सुरक्षा में हुई चूक व घटना की जांच की जिम्मेदारी सतर्कता विभाग के ऑफिसर इंचार्ज दिनेश गांधी को दी गई है। ऐसा माना जा रहा है कि जेल की सुरक्षा में हुई चूक के लिए जिम्मेदार जेल के सुरक्षाकर्मी भी जांच के लपेटे आएंगे। जांच के दौरान तिहाड़ जेल नंबर एक के जेल अधीक्षक, उपाधीक्षक समेत सभी जेल कर्मियों से पूछताछ की जाएगी। सूत्रों की माने तो जांच रिपोर्ट आने के बाद जेल के आधा दर्जन कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। सोमवार को जांच शुरू होने के बाद से ही जेल के अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। तिहाड़ जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने बताया कि जेल प्रशासन शुक्रवार को कैदियों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर बेहद गंभीर है। जांच में दोषी पाए जाने पर किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
तिहाड़ महानिदेशक सचिवालय तलब
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने तिहाड़ जेल में हो रही घटनाओं को रोकने में नाकाम रहने पर नाराजगी जताई है। मामले को लेकर तिहाड़ की महानिदेशक विमला मेहरा को दिल्ली सचिवालय तलब किया गया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को तिहाड़ जेल में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जेल में आपत्तिजनक वस्तुएं और कैदियों की आपसी झड़प जैसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने घटनाओं की सूचना उचित समय पर देने और वसंत विहार गैंगरेप आरोपी के तिहाड़ में आत्महत्या करने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मांगे सुझाव का खाका एक सप्ताह में भेजने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे कैदियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। इसके लिए सभी सीसीटीवी और मोबाइल फोन जैमर काम करने की स्थिति में रहें, इसकी रेगुलर मॉनिटरिंग की जाए।