नई दिल्ली। जिस घर में बीस से अधिक वोटर हैं, उनकी सच्चाई जिला व चुनाव विभाग से जुड़े अधिकारी परखेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 24.8 हजार घरों की सूची तैयार की है जिसमें 20 से अधिक वोटर के नाम दर्ज हैं। सूची जिला उपायुक्तों को भेजकर जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिन मकानों या कटरे में पांच सौ से अधिक वोटर हैं, उन्हें जिला उपायुक्त सत्यापित करेंगे जबकि उससे निचले स्तर पर एसडीएम, चुनाव अधिकारी, सहायक चुनाव अधिकारी या बीएलओ सत्यापन करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय (सीईओ) के अनुसार, डोर-टू-डोर सर्वे के बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे घर हैं जहां वोटर की संख्या ज्यादा है। इसकी शिकायत विधानसभा सत्र और अन्य स्तरों पर होती रहती है। यही वजह है कि उन मकानों की सत्यता जांचने का काम शुरू किया जा रहा है। सूची की अशुद्धि दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। करोल बाग के एक कटरे में एक हजार से अधिक वोटर के बारे में विधायक एसपी रातावाल ने बताया कि यहां कई गलियां और मकान हैं जिनमें नाम दर्ज हैं। इसी तरह से पटपड़गंज विधानसभा में यमुना खादर झुग्गी कैंप के नाम से 590 वोटर हैं। यहां कोई मकान नंबर नहीं हैं इसलिए एक पते पर अधिक वोटर दिख रहे हैं जबकि यह लोग अलग-अलग झुग्गी में रहते हैं। वहीं, बाबरपुर के विधायक नरेश गौड़ का कहना है कि कर्दमपुरी के छोटे-छोटे मकानों में 50 से अधिक वोटर के नाम दर्ज हैं जिनकी जांच जरूरी है।