नई दिल्ली। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर यूक्रेनी नागरिक की मौत के मामले में द्वारका जिला अदालत ने पीड़ित परिजनों को दो करोड़ दस लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश एक निजी बीमा कंपनी को दिया है। साथ ही मुआवजे की राशि पर 31 मई 2010 से मुआवजा मिलने की अवधि तक 7.5 फीसदी ब्याज भी परिजनों को दिया जाएगा।
पेश मामले के अनुसार यूक्रेनी नागरिक मिखाइलो इवानोविच बरशादस्की (56) व उसके दूसरे यात्री 1 जून 2008 की रात करीब साढ़े 12 बजे आईजीआई के टर्मिनल दो पर बस से सामान उतार रहे थे। उसी दौरान पीछे से आई तेज रफ्तार बस ने यात्रियों को टक्कर मार दी थी। हादसे में मिखाइलो इवानोविच की मृत्यु हो गई थी। टक्कर मारने वाली बस के चालक सुरेंद्र सिंह को इस मामले में आरोपी बनाया गया था। मृतक की पत्नी बरशादस्का तेत्याना व दो बेटों-आंद्री बरशादस्की व विटाली बरशादस्की ने 31 मई 2010 को 10 करोड़ रुपये मुआवजा व उस पर 12 फीसदी ब्याज की मांग की थी। पीड़ित परिवार की ओर अधिवक्ता जगमाल सिंह व नितिन यादव ने बहस की थी।
परिजनों ने अपने दावे में कहा कि मिखाइलो इवानोविच यूक्रेन की राजधानी कीव में ज्वाइंट स्टॉक कंपनी में बोर्ड प्रमुख व कारोबारी था। उसकी सालाना आय एक लाख चार हजार डॉलर यानी करीब 50 लाख रुपये थी। इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही थी लेकिन हादसे के बाद परिवार को काफी आघात लगा है। मृत्यु से पहले उन्हें 1.60 करोड़ डॉलर का ठेका भी मिला था, जो कि उसकी मौत के कारण रद्द हो गया। मामले की सुनवाई के दौरान बस चालक व बस मालिक कंपनी ने मृतक को ही हादसे का जिम्मेदार बताया था। इसके अलावा बीमा कंपनी ने भी पीड़ित आश्रितों को मुआवजा देने से इनकार कर दिया था। एमएसीटी जज अरुण भारद्वाज की अदालत ने पेश सबूतों, आय प्रमाण पत्र, कर दस्तावेजों के अध्ययन के बाद बरशादस्की की सालाना आय करीब 70 लाख रुपये मानी और इसके आधार पर परिजनों को दो करोड़ 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश निजी बीमा कंपनी को दिया।