नई दिल्ली। आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के निशाने पर इंडिया गेट और करोल बाग मार्केट समेत कई वीआईपी जगह थीं। हिजबुल जम्मू-कश्मीर में 15 मार्च को हुए फिदायीन हमले की तरह दिल्ली में भी कई जगहों पर बड़े पैमाने पर तबाही फैलाना चाहता था। इंडिया गेट पर छुट्टी वाले दिन और बाजारों में शाम के समय आतंकी हमले की साजिश थी। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि इंडिया गेट और करोल बाग इनके निशाने पर थे। हालांकि, इन जगहों की अभी रेकी की जानी थी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि गृहमंत्रालय ने गिरफ्तार लियाकत मामले में पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। स्पेशल सेल के कई वरिष्ठ अधिकारी रिपोर्ट देने के लिए शुक्रवार शाम को गृह मंत्रालय पहुंचे थे। आतंकी हमले की साजिश जम्मू-कश्मीर हमले का अगला हिस्सा मानी जा रही है। आतंकियों ने 15 मार्च को जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के क्रिकेट ग्राउंड पर फिदायीन हमला किया था। हमले और लियाकत से मिले विस्फोटक आदि में कई समानताएं हैं। जम्मू-कश्मीर में भी आतंकियों ने हैंडग्रेड और एके-56 से हमला किया था और लियाकत के कब्जे से भी यह दोनों चीजें मिली हैं।
लियाकत जल्द ही बन गया था ए-ग्रेड का आतंकी
विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) ने बताया कि लियाकत शुरू में पिता के ताबीज बनाने के काम में हाथ बंटाता था। वर्ष 1993 में उसके भाई मंजूर की मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार के लोग बांदीपुर चले गए थे। इसके बाद ये अलबर्क में शामिल हो गया। लियाकत की सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ भी हो चुकी है। जल्द ही ये हिजबुल का जिला कमांडर और उसके बाद ए-ग्रेड का आतंकी बन गया था। वर्ष 1997 में ये पाकिस्तान चला गया था जहां उसे आतंकी ट्रेनिंग दी गई। सरकारी राहत के तहत ये समर्पण करके भारत लौट आया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ट्रेन में चढ़ने के दौरान इसे गिरफ्तार किया था।