नई दिल्ली। गैंग रेप पीड़ित छात्रा के लिए न्याय मांगने और इस घृणित अपराध के खिलाफ जब युवा राष्ट्रपति भवन पहुंचे तो दिल्ली पुलिस ने आंसू गैस, ठंडे पानी की बौछार और लाठीचार्ज से उन्हें खदेड़ने का प्रयास किया। दिल्ली पुलिस की बर्बरता से आहत युवाओं ने पुलिस की नाकामी के लिए लूजर जैसे शब्दों का प्रयोग किया। युवाओं के हुजुम को समझाने गए एक आईपीएस अधिकारी ने जब गुस्से में उन्हें खामोश रहने का हिदायत दी तो एक छात्रा ने चांदी के कंगन अधिकारी पर फेंकते हुए लूजर पुलिस को सभ्य बनाने तक के लिए कह दिया। अधिकारी को लूजर कहने के चंद मिनटों के बाद ही तीसरी बार दोपहर लगभग तीन बजे आंसू गैस के गोले फेंके गए।
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भीड़ ने पुलिस को भी रुलाया
आईपीएस अधिकारी को एक छात्रा ने लूजर कहने के साथ ही कंगन क्या मारा, पुलिसकर्मी नाराज हो गए। असल में हुआ यह कि भीड़ ने देखा कि सुरक्षाकर्मी राष्ट्रपति भवन के नॉर्थ ब्लॉक के अंदर जाने के लिए दीवार के साथ चल रहे हैं। भीड़ उन्हें अंदर जाने से रोकना चाहती थी, इसलिए उनका रास्ता रोका। इसी बीच दीवार के ऊपरी हिस्से पर खड़े एक आईपीएस अधिकारी ने युवाओं को कुछ अपशब्द कहे। इसने युवा उत्तेजित हो गए, जिसके चलते एक छात्रा ने अधिकारी के मुंह पर कंगन फेंकते हुए उसे लूजर कहा। ठीक पांच मिनट के बाद पुलिस ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले फेंके। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान छात्रा को पुरुष पुलिसकर्मी डंडे मारते दिखे। कुछ छात्राओं ने इसका विरोध किया। इसी बीच उग्र भीड़ ने आंसू गैस के जलते डिब्बे उठाकर अंदर पुलिस कर्मियों पर फेंके। अपने डंडे छोड़कर पुलिसकर्मी भी इधर-उधर भागते दिखे। आंसू गैस की चपेट में आने के बाद कई पुलिसकर्मी पानी की तलाश में राष्ट्रपति भवन के अंदर की ओर भागते दिखे।
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...तो सख्त कानून बनाता
पूर्व थल सेनाध्यक्ष वीके सिंह भी पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने की मांग करने के लिए राष्ट्रपति भवन के बाहर पहुंचे। उनका कहना था कि अगर मैं सत्ता में होता तो उस मासूम को न्याय दिलाने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाता। उन्होंने कहा कि पीड़िता के शरीर पर जितने जख्म और मन पर गहरे घाव हैं, वह हम सबके लिए सबक हैं कि बस अब बहुत हो गया। अब कहने का नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाने का वक्तआ गया है।
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