नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में कम उपस्थिति वाले छात्रों को सोमवार तक जोर का झटका धीरे से लग सकता है। कॉलेज सीधे रूप से तो नहीं, लेकिन अनौपचारिक तौर पर यह संकेत जरूर दे रहे हैं कि दो तिहाई उपस्थिति की अनिवार्यता के चलते इससे कम उपस्थिति होने पर वह एग्जाम देने से चूक सकते हैं। डीयू के आदेश का पालन करने की अनिवार्यता के कारण छात्रों के साथ रियायत करने की गुंजाइश कम ही है।
डीयू में पहला सेमेस्टर शुक्रवार को समाप्त हो गया है। अब 20 नवंबर से सेमेस्टर एग्जाम शुरू होने जा रहे हैं। जहां छात्रों में एग्जाम न दे पाने का डर है, वहीं कॉलेज भी छात्र की हर माह की उपस्थिति के जोड़-तोड़ में लगे हैं। आलम यह है कि जहां कॉलेजों में शनिवार को तो छात्रों की उपस्थिति की कैलकुलेशन हुई ही साथ ही कई कॉलेजों ने कैलकुलेशन के लिए रविवार को भी अपने स्टॉफ को बुलाया है। कॉलेजों के पास समय बहुत कम है और एग्जाम से पहले उन्हें एडमिट कार्ड भी जारी करने हैं। रामलाल आनंद कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विजय कुमार ने कहा कि छात्रों की उपस्थिति को लेकर रविवार को भी हिसाब-किताब किया जाएगा। उसी के हिसाब से छात्रों को एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य छात्रों को क्लासरूम तक लाना है, मारना नहीं। कॉलेज कहीं कोई गुंजाइश होने पर ही रियायत करने के मूड में हैं। वहीं कुछ कॉलेजों की वेबसाइट पर पहले से ही सूचना दी जा चुकी है कि दो तिहाई से कम उपस्थिति वाले छात्रों को एग्जाम में बैठने नहीं दिया जाएगा। वहीं कैलकुलेशन के बाद कुछ कॉलेजों ने अपने छात्रों तो 19 नवंबर को एडमिट कार्ड लेने को कहा है।