नई दिल्ली। ख्याला इलाके में शुक्रवार सुबह अतिक्रमण को लेकर हुए झगड़े में पांच लोगों ने एक दुकानदार पर मिट्टी का तेल डालकर उसे आग लगा दी। बुरी तरह झुलसे हुए दुकानदार को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मरने वाले शख्स की स्पेयर पार्ट्स की दुकान थी। पुलिस ने इस बाबत दो महिलाओं और उनके तीन बेटों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, विजय अरोड़ा (50) विष्णु गार्डन टी ब्लॉक में रहते थे। शुक्रवार सुबह वह अपनी पत्नी अनीता अरोड़ा को स्कूल छोड़कर दुकान पर आ गए। कुछ देर बाद विजय ने अपने बेटे सौरव को फोन कर बताया कि उनका मिट्टी का बर्तन बेचने वाली कृष्णा से झगड़ा हो गया है।
सौरव इस सूचना पर अपने पिता की दुकान पर आया। उसने दुकान का आधा शटर खुला हुआ देखा। भीतर उसके पिता झुलसे हुए पड़े थे। पास ही मिट्टी के तेल का डब्बा रखा था और तेल चारों तरफ बिखरा हुआ था। सौरव ने अन्य लोगों की मदद से पिता को डीडीयू अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसी बीच किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दी। विजय के भाई हरीश का आरोप है कि कृष्णा व उसके तीन बेटों पूरन, चमन और राज के साथ एक अन्य महिला चंद्रकांता ने मिलकर विजय की हत्या की है।
मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वी रंगनाथन ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। अभी सभी फरार हैं।
क्या था मामला
जांच के बाद पुलिस ने बताया कि विजय की दुकान के सामने कृष्णा और चंद्रकांता नाम की महिलाएं मिट्टी के बर्तन बेचती थीं। विजय अपनी दुकान के सामने अतिक्रमण का विरोध करता था। विजय ने इसकी शिकायत एमसीडी और पुलिस में भी की थी। इस बात को लेकर दीपावली की रात इनके बीच झगड़ा हुआ था। विजय चाहता था दोनों महिलाएं अपनी दुकान किसी अन्य जगह पर लगाएं। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर शुक्रवार सुबह भी कृष्णा और चंद्रकांता से उनकी कहासुनी हुई। उसके बाद कृष्णा ने अपने बेटोें को बुला लिया। उन लोगों ने पहले विजय की पिटाई की और फिर उसे जिंदा जला दिया।
पुलिस की लापरवाही का परिणाम
विजय और इन महिलाओं के बीच अतिक्रमण को लेकर आए दिन होने वाली झड़प को पुलिस ने हल्के में लिया, जिसकी वजह से इतनी बड़ी घटना हो गई। पुलिस की लापरवाही के लिए आला अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है। एक ओर जहां अतिक्रमण को लेकर दिल्ली पुलिस अपने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर रही है, वहीं ख्याला में इस अतिक्रमण पर हो रहे विवाद को पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस यह सब देखते हुए भी कार्रवाई इसलिए नहीं करती क्योंकि उन्हें एक पक्ष खुश रखता है।