नई दिल्ली। हमारा शहर, मेरा शहर, मस्त दिल्ली, मददगार दिल्ली, शाबाश दिल्ली, चटोरी दिल्ली, गौरैया को राजकीय पक्षी बना उसे बचाने को अग्रसर दिल्ली। प्रगति मैदान में शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का पवेलियन ऐसी ही झलक दिखा रहा है। एक चिड़िया से अनेक चिड़िया बनाने के प्रयास स्वरूप बनाई राजकीय पक्षी गौरेया व सिग्नेचर ब्रिज पवेलियन के बाहर अपनी ही कहानी कहते दिखाई दे रहे हैं तो पवेलियन के अंदर जरूरतमंद लोगों को फायदा पहुंचा रही कल्याण योजनाओं की प्रस्तुति है।
व्यापार मेले में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने उद्योग मंत्री हारून यूसुफ के साथ मिलकर दिल्ली मंडप का उद्घाटन किया। मंडप में विभिन्न विभागों और संगठनों के स्टॉलों में बीते 14 वर्षों के दौरान दिल्ली की प्रगति को दर्शाया गया है। उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता से दिल्ली विश्वस्तरीय नगर बन रही है। उन्होंने स्टॉल का निरीक्षण करते हुए कहा कि इनसे दिल्ली सरकार की प्राथमिकता और सोच का पता चलता है।
दिल्ली मण्डप का मुख्य विषय कौशल विकास है जिसमें दिल्ली सरकार की विशेष रूचि है। मंडप का मुख्य आकर्षण बड़े पैमाने पर बनाई गई गौरैया है। लगभग सात लाख की कीमत से तैयार गौरैया दर्शकों को खूब लुभा रही है। मंडप के बाहर लगाई गई यह गौरैया एका-एक सबको अपनी और खींच लेती है। इसके आसपास छोटी-बड़ी और गौरैया बनाई गई हैं। दिल्ली में बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज राजधानी की नई पहचान बनेगा। मंडप में इसका मॉडल प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा बुनियादी ढांचे की कई परियोजनाओं का भी उल्लेख है। मंडप में एक ही छत के नीचे देश की आधुनिक गौरवशाली दिल्ली के हर एक पहलू को बखूबी दिखाया गया है। वहीं दिल्ली मेट्रो, प्रदूषण रहित सीएनजी बसें, फ्लाईओवर व सड़कों का बड़ा जाल भी दिखाया गया है। दिल्ली पवेलियन के डीएसआईआईडीसी स्टॉल पर बापरौला में बनाए जाने वाले नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीयल पार्क, रानी खेड़ा का मल्टी मैन्यूफैक्चरिंग हब और कंझावला के नए औद्योगिक क्षेत्र के साथ हाउसिंग प्रोजेक्ट का झलक दिखाई गई है।
रश्मि शर्मा