डीयू का हर छात्र होगा खिलाड़ी
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में सत्र 2013-14 से लागू किए जाने वाले चार वर्षीय प्रोग्राम का जो खाका तैयार हो रहा है उसमें सभी छात्रों के लिए योगा व स्पोर्ट्स के पीरियड अनिवार्य होंगे। जो प्रारूप बनाया जा रहा है उसमें हफ्ते में एक से दो पीरियड स्पोर्ट्स योगा के लगाए जाने की योजना है। खेलों व प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वालों को डोपिंग टेस्ट की प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। वहीं खेलों के लिए एक खास तरह की आचार संहिता भी तैयार होगी। स्पोर्ट्स का रोडमैप तैयार करने के लिए कमेटी संभावनाओं को तलाशने में जुटी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में अभी तक ऐसे ही छात्र खेलों में हिस्सा ले पाते हैं जिन्होंने स्पोर्ट्स कोटे के तहत दाखिला लिया हो। अब इस बात पर विचार हो रहा है कि क्यों न खेल, योगा व फिटनेस को सबके लिए अनिवार्य बनाया जाए। डीयू स्पोर्ट्स काउंसिल के चेयरमैन प्रो सी.एस दुबे ने बताया कि यह पीरियड हर छात्र के लिए होंगे चाहे फिर वह साइंस, वाणिज्य व कला वर्ग का ही क्यों न हो। यह पूरी तरह से पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा।
चार वर्षीय प्रोग्राम में का रोडमैप तैयार करने के लिए कमेटी स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है कि कैसे खेलों से छात्रों को लाभ मिल सके। स्पोर्ट्स फॉर ऑल कमेटी ऐसी संभावनाओं को तलाश रही है। डीयू का मानना है कि मौजूदा वक्त में यह जरूरी है कि सभी खेल खेलें। वहीं योगा के जरिए छात्र शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रहेेंगे।
इन पीरियड को अनिवार्य करने के साथ-साथ छात्रों के लिए एक आचार संहिता भी तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि खेलों में हिस्सा लेने के लिए छात्रों को ‘डोप टेस्ट’ से गुजरना होगा। इस प्रोग्राम में क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम भी होगा। इसलिए यदि कोई छात्र स्पोर्ट्स व अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेता है तो उसके प्रदर्शन के नंबर भी अंक तालिका में जुड़ेंगे।