नई दिल्ली। इंटरनेशनल ड्रग्स माफिया एनआरआई रंजीत सिंह कंडोला उर्फ राजा कंडोला मंगलवार को ट्रेन से कूदकर फरार हो गया। पुलिसकर्मी उसे 23 सितंबर को पंजाब की होशियारपुर कोर्ट में पेश करने के लिए ले गए थे। जम्मू मेल से दिल्ली लौटने के दौरान यह वाकया हुआ। दिल्ली पुलिस की तृतीय बटालियन के डीसीपी शिबेश सिंह ने बताया कि लापरवाही बरतने के आरोप में हवलदार सतीश कुमार और तीन सिपाहियों- सुभाष, नेहरू लाल और हरिमोहन को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। हवलदार की शिकायत पर पुरानी दिल्ली रेलवे थाना पुलिस ने राजा कंडोला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 11 अगस्त को पंजाब निवासी राजा कंडोला और उसके साथी सुखजिंदर सिंह को द्वारका इलाके से गिरफ्तार किया था। राजा कंडोला के फरार होने के बाद दिल्ली गुड़गांव और पंजाब पुलिस को गहरा झटका लगा है। बताया जा रहा है कि कंडोला का पंजाब, गुड़गांव समेत देश-विदेश में ड्रग्स का 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार है।
हवलदार ने पुरानी दिल्ली रेलवे थाना पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि जब ट्रेन दिल्ली में सब्जी मंडी के पास मिठाई पुल पर पहुंची, तभी राजा कंडोला ने बाथरूम जाने के लिए कहा। सतीश व हरिमोहन उसे वहां ले गए। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर राजा कंडोला हरिमोहन को धक्का देकर ट्रेन से कूद गया। उस समय ट्रेन की रफ्तार काफी कम थी। सतीश और हरि मोहन भी उसके पीछे ट्रेन से कूद गए और उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन कंडोला फरार हो गया। हालांकि सूत्रों का कहना है कि राजा कंडोला ने पुलिसकर्मियों की चाय में कोई नशीला पदार्थ मिला दिया और इसके बाद फरार हो गया।
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विदेश में भी दर्ज हैं मामले
दिल्ली पुलिस के मुताबिक राजा कंडोला के खिलाफ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के अलावा विदेश में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर ड्रग्स के अलावा अवैध हथियार और कबूतरबाजी के भी मामले दर्ज हैं।
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गिरफ्तारी के समय ड्रग्स फैक्टरी का हुआ था पर्दाफाश
राजा कंडोला की गिरफ्तार के समय उसके कब्जे से बढ़िया क्वालिटी की 411 ग्राम हेरोइन, 2.75 ग्राम स्पीड/मेथामेटाफिन (पार्टी ड्रग्स), 250 ग्राम एफेड्रीन, तीन सेमी-ऑटोमेटिक स्वचालित पिस्टल, 15 कारतूस, दो लग्जरी गाड़ियां और चार मोबाइल आदि सामान बरामद किया गया था। आरोपी ने हेरोइन, हेरोइन से बढ़िया क्वालिटी का ड्रग्स स्पीड (आईस) आदि बनाने के लिए गुड़गांव में एक यूनिट लगा रखी थी।
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ऐसे रखा था अपराध की दुनिया में कदम
पूछताछ में राजा कंडोला ने बताया था कि छठी कक्षा की पढ़ाई के बाद परिजनों ने उसे विदेश भेज दिया। वर्ष 2002 में वह वापस आया और पंजाब में पासपोर्ट एजेंट कुलविंदर सिंह मान से मिला। कुलविंदर कबूतरबाजी रैकेट में शामिल था। इसी वर्ष जब राजा कंडोला और कुलविंदर मान 15 लोगों को अवैध रूप से हजारे (जिम्बाब्वे) ले जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। जेल में उसकी मुलाकात साइबेरियन जुआन उर्फ जोहन मिलन से हुई। जेल में जोहन के साथ भारत में ड्रग्स सप्लाई करने की डील हुई। जेल से बाहर आने के बाद राजा फिर से मानव तस्करी करने लगा। वर्ष 2007 में दिल्ली पुलिस ने मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। तिहाड़ जेल में उसकी मुलाकात लूटपाट के मामले में जेल में बंद सुखजिंदर से हुई। जेल से बाहर आने के बाद वह पंजाब व दिल्ली में रियल एस्टेट का व्यवसाय करने लगा। मई, 2011 में राजा और सुखजिंदर ने नवाशहर निवासी इंदरजीत सिंह को प्रॉपर्टी विवाद के चलते गोली मार दी थी।
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जोहन के भारत आने पर शुरू हुआ नशे का गोरखधंधा
इसी वर्ष फरवरी में जोहन ने राजा कंडोला से संपर्क किया और भारी मुनाफे का लालच देकर भारत में पार्टी ड्रग्स आईस/मेथामेटाफिन की सप्लाई करने के लिए कहा। सौदा होने के बाद जोहन भारत आ गया और नवाशहर (पंजाब) स्थित राजा के घर पहुंचा। यहां दोनों ने करतारपुर में ड्रग्स निर्माण यूनिट लगाई। राजा होशियारपुर के सुखविंदर से विभिन्न तरह के ड्रग्स बनाने के लिए रॉ मैटेरियल लेता था। पंजाब पुलिस ने इस यूनिट का पर्दाफाश किया था। पंजाब पुलिस की नजरों से बचकर वह गुड़गांव आ गया और यहां ड्रग्स बनाने के लिए यूनिट लगाई।