नई दिल्ली। देश के साथ दिल्ली बंद है। भाजपा, ट्रेड फेडरेशन, वामदल के नेताओं के साथ-साथ दिल्ली के ऑटो-टैक्सी चालक भी बंद में शामिल हो गए हैं। सरकारी स्कूल-कॉलेज बंद नहीं हैं लेकिन प्राइवेट स्कूलों ने स्कूल आवागमन में ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी अभिभावकों पर छोड़ी है। वहीं फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स ने बंद में शामिल नहीं होने की सूचना दी है। सभी पेट्रोल पंप खुले रहेंगे।
दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन और दिल्ली परिवहन निगम ने बंद को देखते हुए कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की है। भाजपा दिल्ली में 100 जगह प्रदर्शन और पुतला दहन करेगी तो ट्रैफिक जाम भी तय है। महंगाई के त्रस्त जनता बंद का कितना समर्थन करती है यह तो आज ही दिखाई देगा।
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भाजपा का आह्वान दिल्ली में होगा महाबंद
नई दिल्ली। भाजपा भारत बंद के तहत दिल्ली महाबंद करेगी। बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाजार में घूम-घूमकर बंद को सफल बनाने की अपील की। बृहस्पतिवार को बंद का नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी, उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी करेंगे। चांदनी चौक पर भाजपा के राष्ट्रीय नेता व्यापारियों को संबोधित करेंगे फिर प्रधानमंत्री निवास की तरफ कूच करेंगे। प्रशासन के रोकने पर वे अपनी गिरफ्तारी देंगे।
वहीं कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने भी बंद करने का ऐलान किया है। कंफेडरेशन के प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए जंतरमंतर पर एनडीए संयोजक शरद यादव, भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी, वामपंथी नेता प्रकाश कारत, एबी वर्धन आदि नेता पहुंचेंगे। जंतर मंतर पर व्यापारी खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश की शव यात्रा निकालकर विरोध दर्ज कराएंगे।
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सरकार महंगाई को बढ़ावा दे रही है। सभी तरह के फैसले मनमाना ढंग से लेती है। एफडीआई वाले फैसले से जहां बेरोजगारी बढ़ेगी वहीं डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी से महंगाई में और आग लगेगा।
- विजेंद्र गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
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दुर्भाग्य है कि विदेशाें में पढे़ हुए कथित अर्थशास्त्री देश की आर्थिक नीतियां बनाते हैं। जिन्हें देश की जमीनी हकीकत का अंदाजा नहीं है। विदेशी सर्वे एजेंसियों के आंकड़े आधार पर देश की नीतियां बनती है। यही वजह है कि देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से जर्जर हो गई है और देश में महंगाई अपनी चरम सीमा पर है।
- प्रवीण खंडेलवाल, व्यापारी नेता
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आजादी के बाद यह पहला मौका है कि जब कांग्रेस को छोड़कर सभी राजनीतिक दल व्यापारियों के साथ खडे़ हो गए हैं। देश को गुलाम बनाने की कोशिश को नाकाम करने की बंदी है। गुलामी का खतरा इस सरकार से बढ़ गया है।
- श्याम बिहारी मिश्रा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
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फैसला आम आदमी के साथ विश्वासघात वाला है। भारत की आर्थिक स्वाधीनता करोड़ों जनता का हित सर्वोपरि है। सरकार विदेशी ताकतों के हाथ बिककर खुदरा व्यापार में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को थोप रही है।
- विजय गोयल, पूर्व केंद्रीय मंत्री
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