नई दिल्ली। देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहने पर केंद्र सरकार की कोर्ट ने जमकर खिंचाई की। अदालत ने सरकार को बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई का भी निर्देश दिया।
रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लाउ ने डकैती और हत्या की कोशिश के मामले में दो बांग्लादेशी नागरिकों को 10 साल की कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस दौरान अदालत ने कहा कि हमारा देश इन खतरनाक और क्रूर अपराधियों के लिए बेहद सुरक्षित जगह बन गया है। अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब देश के नागरिक लगातार गरीबी से प्रभावित हैं, तो यहां रहने वाले इन तीन करोड़ अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ सरकार को कड़ा कदम उठाने से कौन रोक रहा है।
अदालत ने कहा कि यह समस्या मौजूदा समय में सबसे बड़ी चुनौती और राष्ट्रीय चिंता का विषय है। इससे पहले कि ज्यादा देर हो जाए, इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस, सरकारी दखल और लगातार कार्रवाई की जरूरत है। गौरतलब है कि 2011 को अशोक विहार इलाके में घर में सात डकैत घुसे थे। जब घरवालों ने इसका विरोध किया तो डकैतों ने उन पर हमला कर दिया था। मामले में पुलिस ने दो बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया था।