आइलेक्स, ट्यूलिप, फ्रीसियों और लिली सहित हॉलैंड से मंगाए गए रंग-बिरंगे फूलों से नई दिल्ली सज गई है। पार्क और सड़कों के किनारे हर तरफ वसंत ऋतु में अलग-अलग फूलों की प्रजातियों से नई दिल्ली क्षेत्र के सौंदर्य में चार चांद लगने लगे हैं। 63.5 हजार से अधिक फूलों के खिलने से सुंदरता को बढ़ावा मिलने के साथ ही प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
नई दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बताया कि सेंट्रल पार्क, एनडीएमसी मुख्यालय, विंडसर प्लेस गोल चक्कर, तालकटोरा गार्डन, लोदी गार्डन, उपराष्ट्रपति बंगला के सामने (अकबर रोड और मौलाना आजाद रोड) और 11 मूर्ति के नजदीक लिली और ट्यूलिप लगाए गए हैं। शांति पथ पर दोनों तरफ करीब 500 मीटर के दायरे में फूलों के खिलने से यह क्षेत्र लोगों के लिए आकर्षण केंद्र बनने लगे हैं। रोज गार्डन के चौराहे पर अमेरिकी दूतावास, कनाडा दूतावास के नजदीक भी फूलों की खूबसूरती देखते बनती है।
लोदी गार्डन और एम्स सर्कल में लिली और ट्यूलिप सहित दूसरी प्रजातियों के फूल भी लगाए गए हैं। सेंट्रल पार्क में फव्वारे के किनारे ट्यूलिप की पट्टियां भी लगाई गई हैं। ट्यूलिप सफेद, पीला, लाल, गुलाबी, नारंगी, बैंगनी, पीले-लाल और सफेद रंग के हैं । इन फूलों से लुटियन दिल्ली का क्षेत्र वसंत ऋतु में रंगीन बनी रहेगी।
चार साल पहले शुरू हुई थी परियोजना
निदेशक (बागवानी) एस. चेलैया ने बताया कि ट्यूलिप एक सप्ताह पहले से खिलना शुरू हो जाता है। यह 25 दिन तक रहेगा। हालांकि, यह मौसम की स्थिति पर निर्भर करता है। चार साल पहले एनडीएमसी क्षेत्र में ट्यूलिप फूल के लिए इस परियोजना की शुरुआत की गई थी। ट्यूलिप बल्ब के साथ हमारे लिए इतनी चुनौती है कि इसे अंकुरित करने के लिए 15 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस की जरूरत है। इसे देखते हुए एनडीएमसी ने ऐसे फूल खरीदे, ताकि आकस्मिक स्थिति से बच सकें।
एनडीएमसी के 1450 एकड़ में हरियाली
उपाध्याय ने नई दिल्ली क्षेत्र को स्वच्छ, हरा-भरा बनाने के लिए उद्यान विभाग की टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में परिषद अपने क्षेत्र में 1450 एकड़ ग्रीन क्षेत्र हैं। इनमें सेंट्रल पार्क, लोधी गार्डन, तालकटोरा गार्डन, नेहरु पार्क, संजय झील, शांति पथ, 2 रोज गार्डन, 122 कॉलोनी पार्क, 6 नर्सरी, 981 सीपीडब्ल्यूडी पार्क, 51 गोल चक्कर, 14 मार्केट गार्डन सहित15,000 एवेन्यू पेड़ शामिल हैं।
सार्वजनिक स्थलों पर भी खूबसूरत फूल
इन खूबसूरत फूलों को देखने से सकारात्मक मानसिकता के साथ-साथ वहां से गुजरते हुए खुशी का एक अलग अहसास होता है। उपाध्याय ने कहा कि पहले इन फूलों को केवल राष्ट्रपति भवन में देखा जाता था, अब राष्ट्रपति की इच्छा के अनुसार इन्हें नई दिल्ली के सार्वजनिक क्षेत्रों में लगाया जा रहा है। एनडीएमसी पहला नागरिक निकाय है, जहां ऐसे फूल लगाए गए हैं। दूसरी नगर पालिकाओं को भी इस ओर कदम बढ़ाना चाहिए। इन फूलों से कुछ हद तक ताप-प्रभाव, वायु और धूल प्रदूषण में भी कमी आती है।