फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुंबई ब्लास्ट 2006 पर न कोई रिपोर्ट बनाई ना गृह मंत्रालय को सौंपी: आईबी

विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। खुफिया एजेंसी (आईबी) ने कहा कि उसने मुंबई ब्लास्ट 2006 पर न कोई रिपोर्ट बनाई है ना ऐसी कोई रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी है। आईबी ने हाईकोर्ट को यह जानकारी मुंबई बम ब्लास्ट में फांसी की सजा पाए अभियुक्त एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी की याचिका पर दिया है।
विज्ञापन

याचिकाकर्ता ने कहा है कि वह निर्दोष है और उसे खुद को निर्दोष साबित करने के लिए आईबी की रिपोर्ट दी जाए जो उसमें गृह मंत्रालय को सौंपी है। अदालत ने हाल ही में इस मुद्दे पर आईबी से जवाब मांगा था। अदालत ने आईबी को स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि क्या उसने मुंबई ब्लास्ट होने के बाद या वर्ष 2009 में कोई रिपोर्ट बनाई थी।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एक सिंह के समक्ष पेश केंद्र सरकार के अधिवक्ता राहुल शर्मा व आईबी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता सीके भट्ट ने कहा कि मामले की जांच महाराष्ट्र पुलिस के एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने की थी। आईबी ने कहा कि सिद्दीकी का दावा एक खबर के आधार पर है जिसे प्रमाणित नहीं माना जा सकता है।
विज्ञापन

अदालत ने इससे पहले केंद्रीय सूचना आयोग को सिद्दीकी द्वारा मांगी गई जानकारी पर विचार करने को कहा था। इस पर सीआईसी ने आईबी से जवाब मांगा था। आईबी ने सीआईसी को बताया था कि इस तरह की कोई रिपोर्ट नहीं है। आईबी के बयान पर र्सीआसी ने सिद्दीकी के आवेदन को 11 जून 2019 को रद कर दिया था।
सीआईसी के फैसले को अधिवक्ता अर्पित भार्गव के माध्मय से सिद्दीकी ने चुनौती दी थी। सिद्दीकी ने कहा था कि सीआईसी ने यह फैसला सिर्फ आईबी द्वारा दिए गए बयान पर आंख बंद कर लिया है कि वर्ष 2009 में मुंबई ब्लास्ट पर कोई रिपोर्ट नहीं तैयार की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें