अशोक विहार में गुरुवार रात एक केमिकल कारोबारी और उसके दोस्त की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने दोनों शव को बोरे में रखकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। देर रात वजीराबाद इलाके में दोस्त का शव कारोबारी की कार से मिलने पर पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की।
जांच में पता चला कि दोनों दोस्त एक रिश्तेदार संदीप जैन की बर्तन की फैक्ट्री में गए थे। शक होने पर पुलिस ने संदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने वजीरपुर के बर्तन कारोबारी व उसके दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के निशानदेही पर कारोबारी का शव आरोपी की फैक्टरी के लिफ्ट के पास से बरामद कर लिया।
पूछताछ में आरोपी कारोबारी ने खुलासा किया है कि उसने मृत कारोबारी से 20 लाख रुपये उधार लिए थे। इसे वापस करने का उस पर दवाब बनाया जा रहा था। बार-बार की मांग से तंग होकर उसने साजिशन कारोबारी और उसके दोस्त को पैसे लेने के लिए अपनी फैक्टरी बुलाया और एक के बाद एक दोनों की हत्या कर दी।
मृत कारोबारी की शिनाख्त रोहिणी सेक्टर तीन निवासी सुरेंद्र गुप्ता (36) और उसके दोस्त सेक्टर तीन रोहिणी निवासी अमित गोयल (35) के रूप में हुई है। सुरेंद्र गुप्ता का बवाना में केमिकल का गोदाम और वजीरपुर में बर्तन का कारोबार था। अमित उसके साथ ही काम करता था।
पुलिस ने संदीप जैन के साथ उसके दो कर्मचारी संजय और सुनील को मामले में आरोपी बनाया है। संदीप जैन मृत सुरेंद्र की पत्नी के भाई का बेटा है। सुरेंद्र के भाई ने बताया कि सुरेंद्र गुरुवार रात अपनी फॉरचूनर कार से अमित को लेकर वजीरपुर स्थित संदीप के फैक्टरी में गया था। देर रात तक वापस नहीं आने पर उनलोगों को चिंता होने लगी। दस बजे रात में सुरेंद के फोन पर उसकी पत्नी ने फोन किया। लेकिन उसका फोन बंद आ रहा था।
अमित से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। उसके बाद सुरेंद्र की पत्नी ने बताया कि सुरेंद्र को संदीप ने पैसे लेने के लिए वजीरपुर बुलाया था। सुरेंद्र के भाई अन्य लोगों को लेकर वजीरपुर में संदीप के फैक्टरी पर पहुंचे। फैक्टरी बंद था और वहां कोई मौजूद नहीं था। वहां से वापस आने के दौरान पुलिस ने फोन कर बताया कि सुरेंद्र की कार वजीराबाद में लावारिस खड़ी है। जिसमें एक बोरा रखा हुआ है। बोरे में शव हो सकता है।
उसके बाद सभी वजीराबाद पहुंचे। बोरे में अमित की लाश पड़ी थी। सुरेंद्र के भाई ने पुलिस को बताया कि उसके भाई को संदीप गोयल ने पैसे लेने के लिए बुलाया था। इस सूचना पर पुलिस ने संदीप को हिरासत में लिया और पूछताछ के दौरान हत्या का खुलासा हुआ।