नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में मंगलवार को स्थाई समिति की बैठक में 38 बाजारों को फ्री होल्ड किया गया। इससे जहां दुकानदारों व व्यापारियों के सिर से सीलिंग का खतरा टल गया है तो वहीं, दूसरी ओर उन्हें मालिकाना हक भी मिल गया है। हालांकि, इसके लिए उन्हें कन्वर्जन चार्ज के साथ 33 फ़ीसदी सरचार्ज निगम को देना होगा।
दरअसल, भूमि एवं विकास कार्यालय द्वारा 79 मार्केट को स्थानांतरित किया गया था। जिसमें से 38 बाजार दक्षिणी निगम के क्षेत्र में थे। इनमें लीज होल्ड पर कुल 1252 दुकानें शामिल हैं। जिनमें 392 दुकानें लाइसेंस फीस आधार पर चल रही हैं। जोकि मोहम्मदपुर शॉपिंग कंपलेक्स, लोधी रोड कंपलेक्स, 1-2 एमबी रोड, पुष्प विहार मार्केट सेक्टर एक से चार तक, हुडको प्लेस, सादिक नगर मार्केट और आईटीओ के समीप स्थित है।
वर्ष 2000 के केंद्र के कैबिनेट निर्णय के अनुसार, यह सभी मार्केट कन्वर्जन के अंतर्गत नहीं आती हैं, क्योंकि यह सब गैर स्वामित्व बाजार के रूप में सूचीबद्ध हैं। इसके अलावा 803 दुकानों को मालिकाना हक प्रदान किया गया है। वर्तमान परिस्थिति के अनुसार, जिसके पास लीज आधारित संपत्ति है वह संपत्ति मालिक के अनुमति के बिना नहीं बेच सकता था। हालांकि, अब दक्षिणी निगम के भूमि एवं संपदा विभाग ने संपत्ति को बेचने की आवश्यक शर्त को निरस्त कर दिया है।
दक्षिणी निगम द्वारा 38 बाजारों को फ्री होल्ड के फैसले को दिल्ली भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने जनहित बताया है। उन्होंने कहा कि इन बाजारों को फ्री होल्ड करके हजारों दुकानदारों, व्यापारियों को राहत मिलेगी। निगम की ओर से उठाए गए इस कदम से व्यापारियों के सिर से सीलिंग का खतरा टल गया है।
उन्होंने कहा कि मेहरचंद मार्केट के दुकानदार भी लंबे समय से फ्री होल्ड की मांग कर रहे थे जिनके ऊपर से अब भी सीलिंग का खतरा टल गया है। वहीं, डी-सीलिंग का रास्ता भी खुल गया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दुकानदारों और व्यापारियों की दुकानें फ्री होल्ड करने की मांग को पूरा कर भाजपा ने राहत दी है। निगम के इस कदम से व्यापारियों और दुकानदारों को मालिकाना हक मिल गया है।