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दिल्ली: सत्र 2021-22 के फर्स्ट टर्म एग्जाम के लिए बन रहे मल्टीपल च्वाइस क्वेशचंस बैंक, बच्चों को मिलेगी परीक्षा देने की सीख

Tue, 20 Jul 2021 08:19 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

इस तरह के बैंक तैयार करने के पीछे स्कूलों का उद्देश्य बच्चों को बोर्ड के पैटर्न से परिचित कराना है। इस स्कीम के तहत बच्चों की परीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षा होनी है। हालांकि, यह कोरोना महामारी की तीसरी लहर पर निर्भर करेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं-बारहवीं की परीक्षा के लिए जारी की गई स्पेशल स्कीम के तहत नवंबर में फर्स्ट टर्म-1 एग्जाम होने हैं। स्कूल इस एग्जाम में बच्चों के बेहतर प्रदर्शन के लिए मल्टीपल च्वाइस क्वैंशचंस बैंक तैयार कर रहे हैं। 

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इस तरह के बैंक तैयार करने के पीछे स्कूलों का उद्देश्य बच्चों को बोर्ड के पैटर्न से परिचित कराना है। इस स्कीम के तहत बच्चों की परीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षा होनी है। हालांकि, यह कोरोना महामारी की तीसरी लहर पर निर्भर करेगा। स्कूल इससे पहले अपने स्तर पर प्री-बोर्ड की तर्ज पर परीक्षा कराएंगे, जिसमें मल्टीपल च्वाइस क्वैंशचन फॉर्मेट में ही उनकी परीक्षा ली जाएगी।

मौसम विहार स्थित डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने बताया कि इस स्कीम के तहत फर्स्ट टर्म एग्जाम नवंबर-दिसंबर 2021 के बीच लिया जाना है। इसके लिए अभी से तैयारी की जा रही है, क्योंकि यह स्कीम बच्चों के साथ-साथ स्कूलों के लिए भी नई है। परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाने हैं। लिहाजा हम मल्टीपल च्वाइस क्वेशचन बैंक बना रहे हैं। जिससे कि उससे बच्चों को उनसे परिचित कराया जा सके। 
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प्री बोर्ड तर्ज पर हम सिंतबर में एक परीक्षा लेंगे, जिसमें मल्टीपल च्वाइस वाले प्रश्न ही रखे जाएंगे। बच्चों को तैयारी के लिए सैंपल क्वैंशचन बैंक भी देंगे। जिससे कि वह बोर्ड की ओर से नवंबर में आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए तैयार हो सकें।

दिलशाद गार्डन स्थित अर्वाचीन इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल स्वप्ना नायर ने बताया कि बोर्ड की स्कीम को देखते हुए हमने 100 फीसदी पाठ्यक्रम को दो हिस्सों में बांट दिया है। 50-50 फीसदी हिस्से को भी टुकड़ों में बांट दिया है। यह तैयारी हमने जुलाई से शुरू की है। 50 फीसदी हिस्से में से बहुविकल्पीय प्रश्न आधारित सैंपल पेपर बना रहे हैं। इसके आधार पर नवंबर की परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षा ली जाएगी। जिससे कि बच्चे परीक्षा के पैटर्न से परिचित हो जाएं।

उल्लेखनीय है कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर सीबीएसई ने जुलाई के पहले सप्ताह में दसवीं-बारहवीं 2022 की बोर्ड परीक्षा के लिए स्पेशल स्कीम की घोषणा की थी। इस स्कीम के तहत 50-50 फीसदी पाठ्यक्रम के साथ दो बार परीक्षा होनी है। पहला टर्म एग्जाम नवंबर-दिसंबर 2021 में होना है। इसमें मल्टीपल च्वाइस केस आधारित एमसीक्यू और रीजनिंग बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। 

हर पेपर का टेस्ट 90 मिनट का होगा। प्रश्न प्रत्र सीबीएसई ही स्कूलों को भेजेगा। परीक्षा भी वहीं होगी जहां छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रों को ओएमआर शीट पर उत्तर देने हैं। जिन्हें स्कूल स्कैन करके सीबीएसई के पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

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