मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अपराध शाखा की साइबर सेल ने हाई-वैल्यू ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम, नकली ट्रेडिंग एप्लीकेशन, म्यूल अकाउंट नेटवर्क और जामताड़ा-बेस्ड केवाईसी फ्रॉड का खुलासा पुलिस ने किया है। इनमें शामिल तीन जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पीड़ित की शिकायत पर दक्षिण-पश्चिमी जिले के साइबर थाने में 27 सितंबर, 2025 को शिकायत दर्ज की गई थी। पीड़ित के साथ ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम में 33.10 लाख रुपये की ठगी हुई थी। साइबर सेल के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया जांच में पता चला कि नकली कंपनी के नाम पर कई बैंक अकाउंट धोखे से खोले गए थे। अकाउंट पूरे भारत में रजिस्टर्ड 57 एनसीआरपी साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़े हैं। इस कंपनी को नजफगढ़, दिल्ली निवासी लक्ष्य और दूसरे लोग चला रहे थे। आरोपी लक्ष्य को डिजिटल और फाइनेंशियल सबूतों के आधार पर 19 नवंबर को नजफगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया।
नकली ट्रेडिंग ऐप के ज़रिए ठगी के मामले में पीड़ित ने 1 मार्च, 2025, को स्पेशल सेल में शिकायत की थी। शिकायत करने वाले से एंजल वन नाम के एक नकली ट्रेडिंग ऐप के ज़रिए 53.05 लाख रुपये की ठगी की गई। ठगे गए पैसे कई म्यूल अकाउंट के ज़रिए भेजे गए। एक बड़ा खाता, जिससे 14 लाख रुपये मिले, उसकी पहचान आरएस एंटरप्राइजेज के तौर पर हुई है। इसे चलाने वाले फरीदाबाद निवासी रामवीर को पुलिस ने करनाल, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
जामताड़ा-स्टाइल 5.75 लाख के केवाईसी फ्रॉड मामले में साइबर सेल ने आरोपी गिरिडीह (झारखंड) निवासी राजेश मंडल को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और केवाईसी वेरिफिकेशन के बहाने पीड़ित के क्रेडेंशियल हासिल कर लिए। उसने पीड़ित के डिवाइस का रिमोट एक्सेस हासिल किया और धोखे से रिलायंस डिजिटल (आरआईएल ) और फ्लिपकार्ट से 5.75 लाख रुपये के 6 प्रीमियम मोबाइल फोन और 1 एप्पल मैकबुक ऑर्डर किए। धोखे से खरीदे गए गैजेट कोलकाता फैंसी मार्केट में सप्लाई किए गए थे।