आईआईटी दिल्ली में शोध और नवाचार के लिए एमआरआई की सुविधा शुरू
-देश और एनसीआर में चिकित्सा संस्थानों के साथ अनुसंधान के खुलेंगे अवसर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में चिकित्सीय शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एमआरआई शोध सुविधा की शुरुआत की गई है। साथ ही दावा है कि पहली बार देश के किसी इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान में शोध और शिक्षण के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने एमआरआई स्कैनर सुविधा का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नई एमआरआई शोध सुविधा इमेजिंग में अनुसंधान और नवाचार को सक्षम बनाएगी। स्वास्थ्य सेवा को प्रभावी बनाने के लिए विज्ञान, इंजीनियरिंग और चिकित्सा के क्षेत्र में नए ज्ञान के सृजन के लिए आईआईटी दिल्ली के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।
आईआईटी दिल्ली के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग केंद्र में इस सुविधा को उपलब्ध कराया गया है। शुरुआती दौर में फैंटम तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए उचित मंजूरी लेकर स्वयंसेवकों को शामिल कर चिकित्सीय अध्ययन करेंगे। मेडिकल इमेजिंग पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्रों को प्रशिक्षण में मदद मिलेगी। जिससे छात्र उन्नत इमेजिंग तकनीकों के बारे में व्यावहारिक अनुभव ले सकेंगे।
केंद्र के प्रो. अनुप सिंह और प्रो. अमित मेहंदीरत्ता के अनुसार एमआरआई सुविधा के उपलब्ध होने से चिकित्सीय इमेजिंग की गुणवत्ता सुधार में शोध को लेकर मदद मिलेगी। नई तकनीक और सॉफ्टवेयर विकसित किए जा सकेंगे। इसके अलावा नए कंट्रास्ट पर शोध, इमेज प्रोसेसिंग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का एकीकरण भी शामिल है। शोध के लिए चिकित्सा संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। आईआईटी दिल्ली के डीन ऑफ प्लानिंग प्रो. विवेक बुवा ने कहा कि यह उन्नत इमेजिंग सुविधा विभिन्न विषयों के कई शोधकर्ताओं की मदद करेगी। इससे एनसीआर और पूरे भारत में चिकित्सा संस्थानों के साथ अनुसंधान सहयोग के कई अवसर भी खुलेंगे।