दिल्ली पुलिस की स्पेेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट ने धार्मिक यात्राओं के लिए टिकट कराने वाली एक फर्जी वेबसाइट का खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान नई आबादी, लक्ष्मी नगर, ककरऊ कोठी, फिरोजाबाद, यूपी निवासी मास्टरमाइंड दीपक ठाकुर, पश्चिम बंगाल निवासी जेकी प्रसाद कहर, पप्पू सिंह और विकास कुमार भगत के रूप में हुई है।
आरोपी यूपी के फिरोजाबाद, पश्चिम बंगाल और बिहार से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। गैंग का मास्टरमाइंड दीपक इंजीनियर है। उसी ने ठगी के लिए वेबसाइट डिजाइन की थी। बीते कुछ दिनों के भीतर गैंग ने देशभर के सैकड़ों लोगों से 20 लाख से अधिक की ठगी की है।
आईएफएसओ यूनिट के पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि पिछले दिनों साइबर क्राइम पोर्टल पर हेलिकॉप्टर टिकट बुक कराने के नाम पर ठगी की 100 से अधिक शिकायतें मिली थीं।
एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने माता वैष्णो देवी जाने के लिए ऑनलाइन हैलीकॉप्टर का टिकट बुक कराया था। लेकिन जम्मू पहुंचने पर उसे ठगी का पता चला। किसी ने फर्जी वेबसाइट बनाई हुई थी और वैष्णो देवी, केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा के लिए टिकट बुक करने का दावा कर रहा था।
पुलिस ने फौरन मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने वेबसाइट के अलावा उन बैंक खातों और मोबाइल नंबर की जांच की जिनके जरिये ठगी की रकम को ट्रांसफर किया गया था। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि कई फर्जी पतों पर बैंक खाते खोलकर उसमें रकम ट्रांसफर करवाई जाती है।
इसके बाद उनको जल्द से जल्द या तो चेक या एटीएम कार्ड की मदद से निकाल लिया जाता है। आरोपियों की लोकेशन फिरोजाबाद, बिहार और पश्चिम बंगाल की थी। फौरन एसीपी रमन लांबा, इंस्पेक्टर कुसुम, देवेंद्र और एसआई अशोक व अन्य की टीम का गठन कर टीमों को पश्चिम बंगाल, फिरोजाबाद व बिहार भेज दिया गया।
ऐसे की जाती थी ठगी
आरोपी दीपक ने अपनी वेबसाइट कुछ इस प्रकार डिजाइन की हुई थी कि कोई उसे देखकर नहीं कह सकता था कि यह कोई फर्जी वेबसाइट है। यात्रा करने वालों से उनकी जानकारियां भरवाने के बाद हैलीकॉप्टर टिकट के नाम पर मोटी रकम ले ली जाती थी।
इस रकम को ऑनलाइन फर्जी पतों के आधार पर खोले गए बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। बाद में उनको अलग-अलग जगहों से बैंक खातों से निकाल लिया जाता था। आरोपी कब से और कितने लोगों से ठगी कर रहे हैं, इसका पता करने का प्रयास किया जा रहा है।