अवैध पार्किंग करने वाले वाहन चालकों को अब भारी जुर्माना देना पड़ेगा। दिल्ली में मल्टी लेवल पार्किंग के 500 मीटर का दायरा इसी हफ्ते से नो पार्किंग जोन में तब्दील हो जाएगा। लंबे समय के बाद दिल्ली मेंटेनेंस एंड मैनेजमेंट ऑफ पार्किंग रूल्स-2019 की नई पार्किंग नीति की अधिसूचना जारी हो गई है। इस अधिसूचना के प्रभाव में आते ही दिल्ली की पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह से बदल जाएगी। इसके बाद राजधानी की सड़कों पर अवैध पार्किंग या टो किए जाने वाले वाहनों का चार्ज दोगुना हो जाएगा। हालांकि नई नीति में रिहायशी कॉलोनियों में फिलहाल पार्किंग फीस लेने का प्रावधान नहीं है।
परिवहन विभाग के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नई पार्किंग अधिसूचना जारी कर दी गई और इसी हफ्ते में एक दो दिनों के भीतर यह लागू हो सकती है। राजपत्र आते ही नई पार्किंग नीति को लागू करने की तैयारी है। इस पार्किंग नीति के लागू होने अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर रोक लगेगी। वहीं रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों से पार्किंग 200 मीटर से ज्यादा दूर किए जाने पर पार्किंग संचालक द्वारा लोगों को उनके घरों और व्यावसायिक स्थलों तक नि:शुल्क शटल सर्विस प्रदान की जाएगी।
मल्टीलेवल के पास पार्किंग बनी तो शुल्क होगा तीन गुना
नई पार्किंग नीति के तहत अगर किसी मल्टी लेवल पार्किंग के 500 मीटर के दायरे में पार्किंग की आवश्यकता पड़ती है तो वहां पर पार्क करने वाले वाहन चालकों से करीब तीन गुना शुल्क वसूला जाएगा। ऐसा इसलिए किया जाएगा कि वाहन मल्टी लेवल पार्किंग में ही ज्यादा पार्क किए जाएं ताकि सड़कें व अन्य क्षेत्र पार्किंग मुक्त रहे।
टो हुआ वाहन तो ढाई गुना तक जेब ढीली होगी
अवैध पार्किंग या टो अवे जोन से वाहन टो किए जाने वाले वाहनों का चार्ज भी दो से ढाई गुना तक अधिक हो जाएगा। ई-रिक्शा, दोपहिया और ऑटो रिक्शा का टो चार्ज 200 रुपये होगा। कार, जीप और वैन के लिए टो चार्ज 400 रुपये होगा। हल्के माल वाहन के लिए टो चार्ज 1000 रुपये और मध्यम यात्री या माल वाहन का टो चार्ज 1500 रुपये हो जाएगा।
जब्त होंगे दस से 15 साल पुराने वाहन
10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल व सीएनजी गाड़ी को जब्त करने का भी प्रावधान है। पार्किंग के सुबूत और कागजात दिखाने के बाद ही ऐसी गाड़ियों को छोड़ा जाएगा। नई पार्किंग नीति के तहत एक घंटे की पार्किंग सस्ती होगी, जबकि अधिक देर की पार्किंग के लिए ज्यादा शुल्क वसूला जाएगा। पार्किंग में महिला सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और 24 घंटे पार्किंग की मॉनिटरिंग की जाएगी। रिहायशी इलाकों में खाली पड़े प्लॉट में अगर कोई पार्किंग चलाता है तो उसे छूट होगी। पार्किंग प्रबंधन के लिए आरएफआईडी टैग, कंप्यूटराइज्ड पार्किंग फीस, पार्किंग मीटर और मोबाइल से भुगतान की सुविधा होगी। खास बात यह है कि पार्किंग शुल्क से जो राजस्व प्राप्त होगा उससे फुटपाथ मरम्मत, महिला सुरक्षा और संबंधित क्षेत्र के विकास के लिए खर्च किया जाएगा।
एमसीडी और ट्रैफिक पुलिस करेगी कार्रवाई
राजधानी में 60 फीट से कम चौड़ी सड़क पर अगर किसी ने अवैध पार्किंग की तो उसके खिलाफ दिल्ली नगर निगम की टीम कार्रवाई करेगी, जबकि इससे चौड़ी सड़कों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ दिल्ली ट्रैफिक पुलिस वाहन टो की कार्रवाई करेगी।
48 घंटों में वाहन नहीं छुड़ाने पर बढ़ेगा चार्ज
अवैध पार्किंग या टो अवे जोन से वाहन उठाए जाने के 48 घंटों के भीतर अगर वाहन को नहीं छुड़ाया जाता तो अतिरिक्त कस्टडी चार्ज और बढ़ जाएगा। इसके तहत दोपहिया वाहनों से अतिरिक्त प्रतिदिन के हिसाब से 200 रुपये, कार के लिए 500 रुपये, हल्के माल वाहन के लिए 1000 रुपये और मध्यम यात्री व माल वाहन के लिए 1500 रुपये दैनिक टो चार्ज के अतिरिक्त भुगतान करने होंगे।