नई दिल्ली। राजधानी में पिछले पांच वर्षों में इस वर्ष सबसे कम मिक्सिंग हाइट होने के कारण पार्टिकुलेट मैटर( पीएम) व अन्य हानिकारक गैस की सबसे अधिक मात्रा पाई गई।
सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार मिक्सिंग हाइट 300 मीटर दर्ज की गई है। जबकि वर्ष 2019 में यह 544, 2018 में 574, 2017 में 481 और 2016 में 492 थी। दिवाली की रात 37 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर पीएम 2.5 व 10 के स्तर में अधिक वृद्धि दर्ज की गई। आतिशबाजी के कारण पीएम का स्तर रात 11 बजे से बढ़ना शुरू हुआ और सुबह पांच बजे तक जाकर थमा। इस वजह से रविवार की सुबह पीएम 10 का स्तर 645 और पीएम 2.5 का स्तर 483 दर्ज किया गया। पिछले वर्ष पीएम 2.5 का स्तर 2018 के मुकाबले 150 फ़ीसदी और पीएम 10 का स्तर 70 फ़ीसदी अधिक पाया गया था। जबकि इस वर्ष पीएम 10 का स्तर पिछले वर्ष के मुकाबले 16 फ़ीसदी और पीएम 2.5 का स्तर 18 फ़ीसदी अधिक पाया गया है।
10 में से सात जगहों पर अधिक रहा ध्वनि प्रदूषण
पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 10 मॉनटीरिंग स्टेशन में से सात स्टेशनों पर पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक ध्वनि प्रदूषण रहा। आईटीओ, आनंद विहार और दिलशाद गार्डन में कम ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया जबकि पंजाबी बाग, सिविल लाइन्स, मंदिर मार्ग, बवाना, द्वारका और आरके आश्रम में अधिक ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया। पिछले वर्ष पंजाबी बाग में जहां ध्वनि प्रदूषण 55 डेसिबल रहा था तो इस वर्ष 61 डेसिबल रहा। सिविल लाइंस में पिछले वर्ष 60 डेसिबल था तो इस बार 63 डेसिबल रहा, बवाना में पिछले वर्ष 58 तो इस वर्ष 61, मंदिर मार्ग पिछली बार 55 डेसिबल तो इस वर्ष 61 डेसिबल, द्वारका में पिछले वर्ष 58 तो इस बार 61, आरकेपुरम में पिछले वर्ष 60 तो इस बार 63 डेसिबल रहा।