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दिल्ली: ऑक्सीजन और दवाओं के नाम पर 300 लोगों से लाखों ठगे, दो-तीन माह से दे रहा था वारदात को अंजाम, ऐसे पकड़ा

Sun, 23 May 2021 09:02 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पुलिस के मुताबिक आरोपी महज दो से तीन माह के दौरान देशभर के करीब 300 लोगों से 50 लाख से अधिक की रकम ठग चुका है। आरोपी दीपक का साड़ू सर्वेश इसको अलग-अलग बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाता था, जिसमें ठगी की रकम आती थी। 
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ऑक्सीजन सिलिंडर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ठगों ने लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर ऑक्सीजन सिलिंडर और दवाओं के नाम पर जमकर ठगी की। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ऐसे ही ठगी करने वाले एक गैंग के सरगना को बिहार के नालंदा से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सुंदरपुर, नालंदा, बिहार निवासी दीपक प्रसाद (42) के रूप में हुई है। 
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पुलिस के मुताबिक आरोपी महज दो से तीन माह के दौरान देशभर के करीब 300 लोगों से 50 लाख से अधिक की रकम ठग चुका है। आरोपी दीपक का साड़ू सर्वेश इसको अलग-अलग बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाता था, जिसमें ठगी की रकम आती थी। फिलहाल दीपक की गिरफ्तारी से दिल्ली में कालकाजी, जामिया नगर और ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के तीन मामले सुलझे हैं। 

आरोपी के पास से 18 सिमकार्ड, 13 मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद हुए हैं। आरोपी के कई बैंक खातों का भी पता चला है। आरोपी से पूछताछ कर अपराध शाखा मामले की छानबीन कर रही है। अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि कोविड के दौरान बदमाशों ने लोगों की मजबूरी का जमकर फायदा उठाया। 
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आरोपियों ने ठगी की हर तरकीबों का इस्तेमाल किया। इसी कड़ी में चार मई को कालकाजी थाने  में ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी की शिकायत मिली। पीड़ित ने बताया कि उसके पड़ोसी को ऑक्सीजन की जरूरत थी। उसने सोशल मीडिया पर मौजूद एक मोबाइल नंबर से संपर्क किया।
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आरोपी ने बातचीत के बाद सिलिंडर पहुंचाने का आश्वासन देकर गूगल पे से 7500 हजार रुपये अपने खाते में डलवा लिये। इसके बाद कोई सिलिंडर नहीं भेजा। इसी तरह की वारदात ओखला इंडस्ट्रियल एरिया और जामिया नगर इलाके में भी हुई। लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा की टीम ने भी मामले की छानबीन शुरू कर दी। 

पुलिस ने ठगी की वारदातों की जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने पिछले कुछ दिनों में ठगी के लिए 100 मोबाइल नंबर और अलग-अलग मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। टेक्नीकल सर्विलांस से पता चला कि आरोपी सुंदरपुर, नालंदा, बिहार से वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

जानकारी जुटाने के बाद अपराध शाखा ने 15 मई को एक टीम को नालंदा, बिहार रवाना किया। वहां छानबीन के बाद सुंदरपुर, नालंदा बिहार से आरोपी दीपक प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके घर की तलाशी लेने पर घर से 18 सिमकार्ड व 13 मोबाइल फोन बरामद हुए। वारदात के दौरान आरोपी ने ठगी की बात कबूली। 

आरोपी ने बताया कि उसके पिता बिहार में टीचर थे। उसका एक भाई अभी भी टीचर है जबकि दूसरा भाई बिहार पुलिस में है और भाभी रेलवे पुलिस में हैं। 12वीं पास आरोपी वर्ष 2018 से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था। पहले वह नापतोल पर सामान बेचने और लोन दिलाने के नाम पर ठगी करता था। लेकिन कोविड के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर और दवाओं के नाम पर ठगी करने लगा। उसका साड़ू सर्वेश उसे ठगी की रकम मंगाने के लिए बैंक खाते दिलवाता था। पुलिस आरोपी सर्वेश की तलाश कर रही है।
 
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