नई दिल्ली। गाजीपुर स्थित दिल्ली-यूपी बॉॅर्डर पर रविवार को भारी संख्या में प्रवासी मजदूर जमा हुए थे, उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी व कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने झूठ बोलकर बुलाया था। उनसे कहा गया गया था कि यूपी व बिहार के लिए गाजीपुर बॉर्डर से बसें जाएंगी, जबकि वहां से कोई बस नहीं जा रही थी। ये दावा अनिल चौधरी के खिलाफ गाजीपुर थाने में रविवार को दर्ज दिल्ली पुलिस की एफआईआर में किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार एफआईआर में कहा गया है कि रविवार सुबह से ही गाजीपुर बॉर्डर पर काफी प्रवासी मजदूर पहुंच रहे थे। जब मजदूरों से पूछा तो उन्होंने बताया कि उनसे कहा गया था कि यूपी व बिहार जाने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने बसों का इंतजाम किया है। कांग्रेस पार्टी की ओर से खाने-पीने की व्यवस्था है।
एफआईआर में कहा गया है कि मजदूरों के इतनी तादाद में गाजीपुर बॉर्डर पर जमा होने से सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की समस्या हो गई। वहीं कोरोना बीमारी के फैलने का खतरा पैदा हुआ। पुलिस ने सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने पर रविवार को अनिल चौधरी को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया।