राजधानी में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामलों को काबू करने के लिए दिल्ली सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने का निर्णय लिया है। अब एक ही जगह पर दो संक्रमित मरीजों के मिलने पर उस जगह को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि इस कदम से कोरोना महामारी को रोकने में काफी मदद मिलेगी और संक्रमित व्यक्तियों को जल्द ही ढूंढ कर उनका इलाज किया जा सकेगा। सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में इस समय कोरोना की चौथी लहर चल रही है, लेकिन पिछली सभी लहरों के मुकाबले इस बार की लहर में गंभीर रूप से बीमार होने वालों की संख्या काफी कम है।
उन्होंने कहा कि इस बार कोरोना के मामलों के मुकाबले मृत्युदर बेहद कम है। दिल्ली मे मृत्यु दर 1.4 प्रतिशत है, वहीं पूरे देश में यह दर 1. 50 फीसदी के करीब है। जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार महामारी की रोकथाम के लिए कई कदम उठा रही है। प्रतिदिन 80 से 90 हजार टेस्ट किए किए जा रहे हैं। संक्रमित व्यक्तियों की पहचान करके उन्हें आइसोलेट किया जा रहा है। सामान्य लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पतालों में आइसोलेशन की सुविधा दी जा रही है।
दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों की जांच की जा रही
व्यापक स्तर पर कांटेक्ट रेसिंग भी की जा रही है। इसके तहत संक्रमित व्यक्तियों के 30 संपर्क ढूंढे जा रहे हैं और उनकी कोरोना जांच की जा रही है। दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों की जांच की जा रही है। जो लोग कोरोना से बचाव के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सभी सार्वजनिक स्थानों पर मॉनिटरिंग टीम बढ़ा दी गई है। सिविल डिफेंस के वालंटियर भी हर जगह तैनात किए गए हैं।
प्लाज्मा दान की अपील
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जो लोग कोरोना से स्वस्थ हुए हैं और प्लाज्मा दान करने के पात्र हैं, उन्हें आगे आकर संक्रमण के रोगियों के इलाज में सहायता करनी चाहिए और प्लाज्मा दान करना चाहिए। दिल्ली में प्लाज्मा दान के लिए सभी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोरोना के नए वेरिएंट के विषय में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह वैज्ञानिकों की जांच का विषय है। लेकिन उनका मानना है कि नया वेरिएंट (कोरोना का नया रूप) पहले के मुकाबले काफी तेजी से फैलता है। इसकी जांच के लिए संक्रमितों के सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है।