दिल्ली मेट्रो के पहले डबल डेेक के निर्माण की शुरुआत कर दी गई है। खास बात यह होगी कि जमीन के ऊपर सिंगल पिलर पर फ्लाईओवर होगा, जबकि ऊपर से मेट्रो गुजरेगी। महरौली-बदरपुर रोड पर साकेत-अंबेडकर नगर और मौजपुर-मजलिस पार्क के बीच डबल डेक का निर्माण शुरू हो चुका है। निर्माण पूरा होने से नियत दूरी के बीच एक साथ अलग-अलग परिवहन साधनों से तीन गुना यात्रियों के लिए गंतव्य तक पहुंचने के कई विकल्प मौजूद रहेंगे। डबल डेक की खासियत होगी कि मेट्रो के साथ-साथ सिग्नल फ्री लेन (फ्लाईओवर) पर निर्बाध आवागमन होगा।
डबल डेक का निर्माण पूरा होने से तीन अलग-अलग स्तर पर मेट्रो, कार, बसों के अलावा सभी छोटे बड़े वाहन एक साथ गुजर सकेंगे। वाहनों के जाम से भी लोगों को राहत मिलेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह का कहना है कि साकेत जी ब्लॉक-अंबेडकर नगर के अलावा मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर पर भजनपुरा-यमुना विहार के बीच 1.4 किलोमीटर के दायरे में डबल डेक पर पिलर लगाने का काम चल रहा है।
साकेत के पास करीब 2.4 किलोमीटर के दायरे में फ्लाईओवर के साथ मेट्रो दौड़ेगी। इससे रोज लाखों यात्रियों के लिए गंतव्य तक पहुंचने में कम वक्त लगेगा। गंतव्य तक पहुंचने के लिए अलग-अलग परिवहन सुविधाओं के इस्तेमाल का भी विकल्प उपलब्ध होगा। इससे वाहनों के जाम से नहीं जूझना होगा और यात्रा सुलभ होगी।
ये है डबल डेक
डबल डेक के तहत एक ही सेक्शन पर तीन अलग-अलग स्तर पर परिवहन साधनों का यात्री उपयोग कर सकेंगे। सबसे ऊपर मेट्रो दौड़ेगी, तो इससे 9-10 मीटर नीचे फ्लाईओवर होगा। सिग्नल फ्री रोड पर पिलर पर मेट्रो ट्रैक होगा, जबकि नीचे की सड़क पर बसें, ऑटो, ई-रिक्शा सहित तमाम वाहनों को गुजरने का मौका मिलेगा। एक ही समय में तीन स्तर पर परिवहन साधनों का तीन गुना अधिक यात्रियों को एक साथ मौका मिल सकेगा।
3.8 किमी में डबल डेक से मिलेगी राहत
साकेत जी ब्लॉक-अंबेडकर नगर के बीच 2.4 किलोमीटर करीब नौ मीटर की ऊंचाई पर होगा। मेट्रो की ऊंचाई जमीन से 18 मीटर से भी अधिक होगी। साकेत से संगम विहार के बीच 430 मीटर में छह लेन का अंडरपास भी होगा। भजनपुरा से यमुना विहार के बीच 1.4 किलोमीटर के दायरे में डबल डेक का निर्माण होगा। 18.5 मीटर ऊंचाई वाले ट्रैक पर मेट्रो, जबकि 9.5 मीटर पर फ्लाईओवर का निर्माण होगा।