मेट्रो की पिंक लाइन कॉरिडोर के त्रिलोकपुरी-मयूर विहार (पॉकेट-1) सेक्शन पर शेष हिस्से में निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। अब लाइन बिछाने के साथ-साथ ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन का भी काम चल रहा है। इस दायरे में निर्माण पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो के सर्वाधिक लंबाई वाले कॉरिडोर (58.6 किलोमीटर) पर पिंक लाइन के दोनों छोर से मेट्रो जुड़ जाएगी।
इससे यात्रियों को पिंक लाइन पर निर्बाध सफर का मौका मिल सकेगा। फिलहाल पिंक लाइन पर यात्रियों के लिए मजलिस पार्क-मयूर विहार (पॉकेट-1) और शिव विहार से त्रिलोकपुरी के बीच दो अलग-अलग हिस्से में मेट्रो की सुविधा है।
इस दायरे में निर्माण पूरा होने के बाद ट्रायल होगा। सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद सेफ्टी कमिश्नर (मेट्रो रेल) की मंजूरी के बाद यात्रियों के लिए सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। ट्रायल की सफलता और मंजूरी मिलने के बाद जुलाई तक मेट्रो परिचालन शुरू करने का दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) का लक्ष्य है।
इस दायरे में मेट्रो सेवा की शुरुआत से पिंक लाइन के लाखों यात्रियों के लिए आनंद विहार रेलवे स्टेशन, दिल्ली कैंट और हजरत निजामुद्दीन पहुंचना आसान हो जाएगा। रिंग मेट्रो के यात्रियों को सराय काले खां और आनंद विहार आईएसबीटी सहित लाजपत नगर, सरोजनी नगर, दिल्ली हाट-आईएनए और सरोजनी नगर मार्केट के लिए भी सीधी कनेक्टिविटी होगी।
पिंक लाइन पर कुल 38 स्टेशन हैं। त्रिलोकपुरी-मयूर विहार (पॉकेट-1) के बीच निर्माण कार्य मार्च तक पूरा करने का डीएमआरसी का लक्ष्य था। कोविड महामारी के दौरान श्रमिकों के पलायन के कारण निर्माण में देरी हुई। निर्माण के बाद पिछले साल अक्तूबर में 289 मीटर के दायरे में निर्माण कार्य होना था।
अंबाला में तैयार स्टील गर्डर का किया इस्तेमाल
निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के लिए स्टील गर्डर लगाए गए हैं। इन्हें अंबाला की वर्कशॉप में तैयार किया गया है, ताकि मेट्रो का परिचालन जल्द शुरू हो सके। इससे समय की बचत के साथ ही कास्टिंग यार्ड बनाने की भी जरूरत नहीं पड़ी। इससे पहले भी छतरपुर मेट्रो स्टेशन के निर्माण में देरी होने पर स्टील इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया था।
फेज-4 में बनेगा देश का पहला रिंग मेट्रो कॉरिडोर
फेज-4 में दिल्ली मेट्रो के पिंक लाइन कॉरिडोर का विस्तार मजलिस पार्क से मौजपुर तक किया जाएगा। इसके बाद कॉरिडोर की लंबाई 70 किलोमीटर होगी और यह देश का सबसे बड़ा सिंगल मेट्रो कॉरिडोर बन जाएगा। फेज-4 में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मेट्रो में पिंक लाइन को देश के किसी भी शहर में पहले रिंग मेट्रो कॉरिडोर का गौरव हासिल होगा।