जगह-जगह हुए रामलीला मंचन में चित्रकूट में भरत मिलाप, केवट भक्ति, रावण-जटायु युद्ध जैसे प्रसंगों ने किया भावुक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। चित्रकूट में भरत जी और रामचंद्र जी के मिलने का ढंग देखकर देवता भयभीत हो गए कि कहीं भरत के प्रेम में राम उनके कहने से अयोध्या न लौट जाएं। ऐसा होने पर रावण समेत राक्षसों का अंत नहीं हो पाएगा। शनिवार को राजधानी में जगह-जगह हुई रामलीलाओं में वन में जाकर भरत का राम से मिलने का प्रसंग देखकर दर्शक भावुक हो गए। रामलीला समितियों ने चित्रकूट में भरत मिलाप, दशरथ मरण, केवट प्रसंग, सुपर्णखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, सीता हरण और रावण-जटायु युद्ध जैसे प्रसंगों ने दर्शकों को श्रद्धा, आस्था और भावुकता से भर दिया। भव्य सजावट, तकनीकी प्रभाव, संगीत और संवादों ने लीला को और भी जीवंत बना दिया।
अशोक विहार फेस-2 स्थित आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से चल रही रामलीला मंचन में केवट मिलन, दशरथ मरण और चित्रकूट पर भरत मिलाप जैसे हृदयस्पर्शी प्रसंग प्रस्तुत किए गए। विशेष तकनीकी प्रयोगों से नदी, झरने, पहाड़, बादल और प्राकृतिक दृश्यों का जीवंत चित्रण हुआ। दर्शक भरत मिलाप की लीला देखकर भाव-विभोर हो उठे। लालकिला मैदान में नव श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से मंचन में राम-केवट संवाद, निषादराज गुह से भेंट, भरत-केकई संवाद, पंचवटी प्रसंग और सुपर्णखा नासिका छेदन जैसे अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किए गए। मंच सजावट, संगीत और प्रकाश प्रभाव ने लीला को अलौकिक बना दिया। वहीं, लवकुश रामलीला कमेटी की विश्वविख्यात रामलीला में सुतीक्ष्ण प्रसंग, अगस्त्य मुनि से भेंट, पंचवटी प्रसंग, सुपर्णखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, सीता हरण और रावण-जटायु युद्ध का मंचन हुआ। डिजिटल तकनीक और एआई के प्रयोग से सोने का मृग और जटायु मोक्ष जैसे दृश्य दर्शकों के लिए अविस्मरणीय बन गए।
माधवदास पार्क : श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से चित्रकूट में भरत मिलाप का मंचन प्रमुख रहा। भरत और शत्रुघ्न, माताओं तथा प्रजाजनों के साथ चित्रकूट पहुंचते हैं और भरत, राम से अयोध्या लौटने का आग्रह करते हैं। राम वचनबद्ध रहते हुए मना कर देते हैं और अंततः भरत उनकी चरण पादुका लेकर अयोध्या लौट जाते हैं। इस प्रसंग ने दर्शकों को गहरे तक प्रभावित किया।
सेक्टर-10 : द्वारका श्रीरामलीला सोसायटी की ओर से मंचन में कैकई संवाद, चित्रकूट पर भरत-राम मिलन, सुपर्णखा प्रसंग और खर-दूषण वध प्रस्तुत हुए। दर्शकों ने विशेषकर दशरथ-केकई संवाद और भरत मिलन प्रसंग में भावुकता से भरकर कलाकारों की सराहना की।
चिराग दिल्ली : श्री धार्मिक रामलीला की ओर से मंचन में केवट प्रसंग, दशरथ मरण, केकई-भरत संवाद और चित्रकूट पर भरत मिलाप हुआ। मंच से स्वच्छ यमुना और जल संरक्षण का संदेश दिया गया। रविवार को सीता हरण और जटायु वध के अलौकिक दृश्य मंचित होंगे। वहीं, श्रीराम धार्मिक रामलीला समिति की ओर से मंचन में राम केवट मिलन, दशरथ मरण और भारत मिलाप की लीला का मंचन हुआ। इस अवसर पर सांसद बांसुरी स्वराज व मंत्री प्रवेश साहिब सिंह उपस्थित रहे। समिति अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि रामलीला प्रभु श्रीराम की लीलाओं को जन-जन तक पहुंचाने का सरल माध्यम है।
पीरागढ़ी : गांव की संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने वाली नव युवा रामलीला मंडल की रामलीला में वनवास प्रसंग का मंचन हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति और भावनाओं से सराबोर होकर इसे देखा।