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आंदोलन की खबरः टीकरी बॉर्डर पर मातूराम की जलेबी का लगा स्टॉल, सहज योग पर भी ध्यान

Fri, 01 Jan 2021 05:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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मातूराम की जलेबी... - फोटो : amar ujala
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नव वर्ष के मौके पर टीकरी बॉर्डर पर किसानों की खिदमत में हरियाणा की सुप्रसिद्ध मातूराम की जलेबी परोसी जा रही है। सुबह से शाम तक हजारों लोगों को बड़े प्यार से देशी घी में निर्मित गरमा-गरम जलेबी खिलाई जा रही है। यह जलेबियां आकार में खासा बड़ी हैं, जिसे देखते ही खाने का मन कर जाये। एक-एक जलेबी पाव भर वजन की है। कई जलेबियां एक किलो की भी हैं। जिसे चार से पांच लोग मिलकर खा रहे हैं।

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हरियाणा की महम विधानसभा से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने किसानों के लिए मशहूर जलेबी का बंदोबस्त कराया है। लोगों ने बताया कि बलराज कुंडू हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार के समर्थक थे लेकिन किसान आंदोलन के समर्थन में अब वह सरकार के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने नववर्ष के मौके पर किसानों के लिए टीकरी बॉर्डर पर मातूराम की जलेबी का इंतजाम किया है। 

टीकरी बॉर्डर पर जलेबियां बना रहे कारीगर नेहनाराम ने बताया कि 30 दिसम्बर से यहां पर जलेबियां खिलाने का सिलसिला जारी है। रोजाना हजारों लोगों को जलेबियों का लंगर खिलाया जा रहा है। पुरुषों को लाइन में लगाकर जलेबी बांटी जा रही है जबकि महिलाओं को पंगत में बैठाकर जलेबियां परोसी जा रही हैं। कड़ाके की ठंड के बीच घी में छन रही जलेबियां यहां पर लाइन में लगे लोगों की भूख को दोगुना कर रही हैं। नए वर्ष के मौके पर 1 जनवरी को भी पूरा दिन यहां पर लोगों को इसी तरह से हरियाणा की प्रसिद्ध मातूराम की जलेबी खाने का मौका मिलेगा।
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सहज योग केंद्र पर ध्यान भी लगा रहे हैं किसान
टीकरी बॉर्डर पर जारी आंदोलन के बीच सहज योग केंद्र पर किसान ध्यान लगाने का अभ्यास भी कर रहे हैं। यहां सहज योग की संस्थापक श्रीमाताजी निर्मला देवी के सानिध्य में वालंटियर किसानों का आत्मसाक्षात्कार करा रहे हैं। बुधवार से चल रहे इस गोग शिविर में बुजुर्गों के अलावा बड़ी संख्या में नौजवान भी हिस्सा ले रहे हैं। सहज योग के रोहिणी ध्यान केंद्र की ओर से किसानों के लिये यह पहल शुरू की गई है।

जिस तरह किसानों ने ट्रैक्टर-ट्राली को अपना घर बार बना लिया है, उसी प्रकार से सहज योग केंद्र भी दो कारों पर बैनर पोस्टर लगाकर संचालित किया जा रही है। ध्यान के अभ्यास में किसानों को नाड़ी का ज्ञान दिया जा रहा है। जल क्रिया की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। वालंटियर के रूप में सेवा दे रहे पुनीश जैन ने लोगों को बताया कि जल क्रिया के माध्यम से किस प्रकार से दिनभर की थकान और नकारात्मक विचारों को मिटाया जा सकता है। सहज योग के महत्व और इसके अर्थ के विषय में भी वह लोगों को समझा रहे थे। उन्होंने बताया कि वह तरीका जिसके माध्यम से मनुष्य का संबंध परमात्मा से हो सकता है, सहज योग कहलाता है। यहां पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिला वालंटियर भी अपनी सेवाएं दे रही थीं।

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