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वकीलों के पैनल का मामला: सिसोदिया बोले- केंद्र उप-राज्यपाल के जरिए दिल्ली की चुनी हुई सरकार के काम में हस्तक्षेप कर रही

Fri, 16 Jul 2021 06:06 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मनीश सिसोदिया ने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र सरकार उप-राज्यपाल के जरिए दिल्ली की चुनी हुई सरकार के काम में हस्तक्षेप कर रही है। संविधान में उप-राज्यपाल को कुछ अधिकार दिए गए हैं। मगर वह उस वीटो पावर का प्रयोग हर मामले में नहीं कर सकते हैं।
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मनीष सिसोदिया - फोटो : Twitter/@msisodia
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विस्तार
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दिल्ली में एक बार फिर से उप-राज्यपाल व चुनी सरकार आमने-सामने हैं। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कैबिनेट ने तय किया है कि दिल्ली सरकार का पैनल ही कोर्ट में जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भी वकीलों का पैनल बनाया गया था, जिसे एलजी अनिल बैजल ने खारिज कर दिया था। अब दोबारा कैबिनेट बैठक में सरकार के वकीलों को नियुक्त करके फाइल एलजी को भेज दी गई है।

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इससे पहले तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों पर दर्ज केस की सुनवाई के लिए केजरीवाल सरकार ने वकीलों का पैनल बनाया था। वहीं, दर्ज मामलों की जांच कर रही दिल्ली पुलिस अपने वकीलों के पैनल की नियुक्त की। लेकिन दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली पुलिस के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसके बाद सरकारी वकीलों का पैनल बनाकर दिल्ली के गृह मंत्री ने प्रस्ताव उप राज्यपाल के पास भेजा था।



सिसोदिया ने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र सरकार उप-राज्यपाल के जरिए दिल्ली की चुनी हुई सरकार के काम में हस्तक्षेप कर रही है। संविधान में उप-राज्यपाल को कुछ अधिकार दिए गए हैं। मगर वह उस वीटो पावर का प्रयोग हर मामले में नहीं कर सकते हैं। जो काम दिल्ली सरकार के दायरे में आते हैं उन पर फैसला लेने का अधिकार भी दिल्ली सरकार के पास है। यह पांच जजों की बेंच ने कहा है। इसमें एलजी को वीटो पावर दिया है कि एलजी सरकार को राय दे सकते हैं। मगर यह बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ही दिया गया है।

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