दिल्ली सरकार ने वित्त व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर मोहल्ला क्लीनिक की व्यवस्था ठप करने का आरोप मढ़ा है। इसे लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पत्र भी लिखा है। इसमें कहा है कि जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उन पर एफआईआर दर्ज कराएं, अन्यथा यह साबित हो जाएगा कि एमसीडी चुनाव में फायदे के लिए उपराज्यपाल ने सर्विसेज की शक्तियों का दुरुपयोग किया और दिल्लीवालों के साथ अन्याय किया।
वहीं, इस संबंध में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर कहा कि दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों को एमसीडी चुनाव के पहले ठप करने वालों और उन्हें ऐसा करने का आदेश देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, यह देशद्रोह है।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि सर्विसेज का दुरुपयोग करके अधिकारियों को धमकी देकर उनसे जन विरोधी काम करवाए जा रहे हैं। सिसोदिया ने अपने पत्र में आगे कहा है कि अफसरों ने जानबूझकर अक्तूबर-नवंबर में मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर्स की सैलरी नहीं दी। सारे टेस्ट व बिजली के बिल रोक दिए और किराए के भवनों में चल रहे क्लीनिकों का किराया नहीं जमा किया।
चुनाव से पहले यह इसलिए किया गया ताकि जनता परेशान होकर सरकार से नाराज हो और डॉक्टर काम न करें। सिसोदिया ने कहा कि अधिकारियों ने दबी जुबान बताया है कि उपराज्यपाल की तरफ से निर्देश गए थे कि एमसीडी चुनाव के पहले पैसा नहीं देना है, नहीं तो निलंबित कर दिया जाएगा। यह एक साजिश के तहत किया गया।
पत्र में आगे कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग और वित्त विभाग के अधिकारी लगातार कोई न कोई बहाना बनाकर फाइलें इधर से उधर घुमाते रहे। दिल्ली के लोगों का इलाज रोकना एक आपराधिक कृत्य है। जनता ने जिस सरकार को चुन कर भेजा है, उसके खिलाफ सरकार में बैठे अधिकारी अगर षड्यंत्र करेंगे तो यह देशद्रोह है।