नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एयरफोर्स और रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2.7 करोड़ की ठगी करने वाले बर्खास्त एयरफोर्स कर्मी को आगरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस उसके एक सहयोगी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाले छात्रों को अपने जाल में फंसाकर ठगी को अंजाम देते थे।
शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओ पी मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान आगरा यूपी निवासी चक्रवीर चौधरी के रूप में हुई है। वह एयरफोर्स में कॉरपोरल के पद पर कार्यरत था। लेकिन संदिग्ध गतिविधि की वजह से उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। वर्ष 2015 में विंग कमांडर तेजवीर सिंह ने आर्थिक अपराध शाखा में फर्जीवाड़े की शिकायत की।
इसमें बताया कि कुछ लोग एयरफोर्स और रेलवे में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से ठगी कर रहे हैं। युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र सौंपकर उनसे लाखों वसूल रहे हैं। छानबीन में त्रिलोकपुरी दिल्ली के रहने वाले थान सिंह और एयरफोर्स से बर्खास्त कॉरपोरल चक्रवीर चौधरी की संलिप्ता सामने आयी। जांच में पता चला कि आरोपियों ने अब तक 18 लोगों से 2.7 करोड़ की ठगी की है।
अपराध शाखा ने छानबीन के बाद वर्ष 2015 में मामला दर्ज कर पीड़ितों के बयान दर्ज किए। पता चला कि थान सिंह और चक्रवीर चौधरी ने उन्हें नौकरी का झांसा दिया और उनके असली दस्तावेजों व फोटो कॉपी लेने के बाद उन्हें फर्जी साक्षात्कार पत्र व नियुक्ति पत्र सौंप कर लाखों ठग लिये।
पुलिस ने 29 नवंबर 2019 में थान सिंह को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी चक्रवीर फरार हो गया। शाखा ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाया और पिछले साल दिसंबर माह में उसे अदालत से भगोड़ा करार करवाया।