करोड़ों का लोन लेकर कई मर्सिडीज बेंज कार खरीदने के बाद फर्जी कागजात बनाकर उसे बेचने वाले आरोपी को आर्थिक अपराध शाखा ने गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कार को बेचकर फाइनेंस कंपनी को करोडों रुपये का नुकसान पहुंचाया। आरोपी दो साल से फरार था। अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान लक्ष्मण विहार गुरुग्राम निवासी प्रमोद सिंह (42) के रूप में हुई है। वर्ष 2018 में मेसर्स डेमलर फाइनेंशियल सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने शाखा में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा की शिकायत की। कंपनी ने बताया कि उसका पंजीकृत कार्यालय चेन्नई में है और टी एंड टी मोटर्स लिमिटेड मोहन को-ऑपरेटिव इंडस्ट्रियल एस्टेट नई दिल्ली (मर्सिडीज-बेंज कार का शोरूम) में डीलरशिप कार्यालय है। कंपनी वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है।
प्रमोद सिंह ने उसकी कंपनी से मर्सिडीज-बेंज खरीदने के लिए साढ़े 27 लाख रुपये का लोन लिया। उसने शुरू में किश्तों का भुगतान किया। विश्वास हो जाने पर और मर्सिडीज-बेंज कार खरीदने के लिए 4 और लोन लिए। कुछ किश्तों का भुगतान करने के बाद उसने किश्तों का भुगतान करना बंद कर दिया। कुल बकाया 2.18 करोड़ रुपये हैं। कंपनी ने आरोप लगाया कि आरोपी कारों के फर्जी कागजात तैयार करवाए और वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र से फाइनेंसर के रूप में शिकायतकर्ता कंपनी का नाम हटाकर उसे बेच दिया। जिससे कंपनी को करोड़ों का नुकसान हुआ है।
शाखा ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी ने तीन साल में पांच मर्सिडीज कारें खरीदीं। कारों को फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर खरीदी गई। उसने किश्त देना बंद कर दिया। बाद में फर्जी कागजात के जरिए कारों से फाइनेंस कंपनी के नाम को हटाकर बिना कंपनी के एनओसी लिए कारों को बेच दिया। जांच प्रक्रिया से बचने के लिए वह दो साल से फरार था। 24 जनवरी को पुलिस टीम को प्रमोद के गुरुग्राम में होने की जानकारी मिली।
पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन के नेतृत्व में टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रमोद मूलत: गुरुग्राम का रहने वाला है। उसके पिता भूतपूर्व सैनिक हैं। प्रमोद ने 12वीं तक पढाई करने के बाद ड्राफ्टमेनशिप में आईटीआई डिप्लोमा किया। वह गुरुग्राम के कॉल सेंटरों में अपनी गाड़ियां लगाईं, लेकिन इस कारोबार में घाटा होने पर वह फर्जी कागजात बनाकर धोखाधड़ी करने लगा।