इससे पहले दिल्ली के अपोलो अस्पताल को टीका लगाने की मंजूरी मिली थी। यहां भी टीके के लिए कोविन पोर्टल पर पंजीकरण कराकर स्लॉट बुक करना होगा। अस्पताल के मुताबिक, अभी तक टीके की कुछ हजार डोज उपलब्ध हुई हैं।
दिल्ली में रूस की वैक्सीन स्पूतनिक वी उपलब्ध हो गई है। मधुकर रेनबो चिल्ड्रन अस्पताल कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी को 20 जून से देना शुरू कर देगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार स्लॉट कोविन पोर्टल के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं।
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वहीं इससे पहले दिल्ली के अपोलो अस्पताल को टीका लगाने की मंजूरी मिली थी। यहां भी टीके के लिए कोविन पोर्टल पर पंजीकरण कराकर स्लॉट बुक करना होगा। अस्पताल के मुताबिक, अभी तक टीके की कुछ हजार डोज उपलब्ध हुई हैं। 20 जून के बाद आम लोगों को टीका लगना शुरू हो जाएगा।
केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों में स्पूतनिक वी वैक्सीन की एक खुराक की कीमत 1145 रुपए निर्धारित की है। इसके अनुसार ही अस्पताल टीकाकरण करेगा। इससे दिल्ली के लोगों के पास कोरोना की तीन वैक्सीन (कोविशील्ड, कोवाक्सिन, स्पूतनिक) में से किसी को भी लगवाने का विकल्प होगा।
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केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार सबसे पहले 100 लोगों को इस वैक्सीन को लगाया जाता है। इनकी सात दिन तक जांच होती है। अगर टीके लगने के बाद यह सभी लोग स्वस्थ होंगे तो इसके बाद ही अन्य लोगों का टीकाकरण किया जा सकेगा। यही कारण है कि अभी एक सप्ताह बाद आम लोगों का टीकाकरण शुरू होगा।
देश में पहली बार स्पूतनिक वी का टीका दीपक सप्रा को दिया गया था। उन्होंने यह टीका हैदराबाद में लिया था। दीपक सप्रा डॉ. रेड्डी लोबोरेटरीज के कस्टम फार्मा सर्विस के ग्लोबल हेड हैं। 17 मई से पायलट बेसिस पर रूसी वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत में डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज स्पूतनिक वी वैक्सीन का निर्माण कर रही है। कंपनी के हैदराबाद और विशाखापटनम स्थित प्लांट में इसे तैयार किया जा रहा है। इस वैक्सीन को 13 अप्रैल को भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी गई थी। इसकी प्रभावशीलता 91 फीसदी होने का दावा किया गया है।