दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा से निजात मिलने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। हालांकि, वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन हवा में जहर से निजात नहीं मिल पाई है। सोमवार को दिल्ली का एक्यूआई 343 दर्ज किया गया। हवा की दिशा में बदलाव के चलते एक्यूआई गंभीर से बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया है।
एनसीआर के सभी शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पिछले 24 घंटे के मुकाबले गंभीर श्रेणी से निकलकर बहुत खराब स्तर में पहुंच गया है। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली है। गाजियाबाद का एक्यूआई 331 व गुरुग्राम का 287 दर्ज किया गया। वहीं, 343 एक्यूआई के साथ दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही।
24 घंटे में पराली के धुएं का हिस्सा 31 फीसदी से गिरकर 12 फीसदी होने से दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण स्तर में सुधार आया है। हालांकि, इस दौरान पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मामले 3,157 से बढ़कर 3,445 दर्ज किए गए। इस बीच हवा की चाल में सुधार से प्रदूषक तत्व बिखर गए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और केंद्र सरकार को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि जिस तरह प्रदूषण पर आपात बैठक हुई, उस तरह कोई बैठक की उम्मीद नहीं की जा सकती। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें उनके लिए एजेंडा सेट करना पड़ता है। दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अगर प्रदूषण रोकने के लिए पूरे एनसीआर में लॉकडाउन लगाया जाता है तो दिल्ली भी इसके लिए तैयार है। दिल्ली सरकार ने कोर्ट से कहा कि वह लॉकडाउन लगाने के लिए तैयार है, चूंकि हवाओं की सीमाएं नहीं होतीं, इसलिए केंद्र सरकार को पूरे एनसीआर और आसपास के राज्यों में लॉकडाउन लगाने के लिए सोचना चाहिए।
निर्माण कार्यों पर रोक से बढ़ी मजदूरों की परेशानी
उधर, बढ़ते प्रदूषण के चलते निर्माण कार्य पर 17 नवंबर तक रोक लगा दिया गया है। इससे मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण गतिविधियों पर रोक के बाद मजदूरों को उम्मीद है कि जल्द ही काम फिर से शुरू हो जाएगा। बंटी कहते हैं कि चीजें हमारे लिए थोड़ी मुश्किल हो रही हैं, हालांकि ठेकेदार हमें खाना खरीदने के लिए पैसे दे रहे हैं, जिसे बाद में काम शुरू होने के बाद हमारे वेतन में समायोजित किया जाएगा।
भाजपा ने दिल्ली सरकार को माना जिम्मेदार
राजधानी में पैदा हुई प्रदूषण इमरजेंसी के लिए भाजपा ने दिल्ली सरकार को जिम्मेदार माना है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हर संकट में असफल साबित हुए हैं। जिसका खामियाजा दिल्लीवालों को भुगतना पड़ रहा है। बढ़ते प्रदूषण को लेकर भाजपा ने मुख्यमंत्री निवास स्थान पर प्रदर्शन भी किया व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि नैतिकता का तकाजा है कि केजरीवाल फौरन इस्तीफा दे दें।
सार्वजनिक वाहन का करें प्रयोग- मनीष सिसोदिया
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रदूषण से लड़ने के लिए सभी दिल्लीवासी 'युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध' अभियान में शामिल हो। ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद रखने जैसे और भी छोटे कदम उठाए जा सकते हैं। अगर प्रत्येक दिल्लीवासी हर महीने में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें तो हालात में काफी सुधार हो सकता है। इससे दिल्ली की सेहत में सुधार के साथ ही दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है।
गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में 17 नवंबर तक स्कूल बंद
गुरुग्राम का एक्यूआई 287 रिकॉर्ड किया गया। बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण हरियाणा सरकार ने भी स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है। सरकार ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में 17 नवंबर तक स्कूल बंद करने की घोषणा की है। सरकार ने एनसीआर के इन सभी शहरों में हर तरह के निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है।
गाजियाबाद
गाजियाबाद का एक्यूआई 331 दर्ज किया गया।
नोएडा
नोएडा का एक्यूआई 321 दर्ज किया गया।