नई दिल्ली (सीमा शर्मा)। केंद्र सरकार देश के हर गांव के बुजुर्ग, गृहिणी, बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले सभी लोगों को किताबों से जोड़ेगी। दरअसल सरकार देश की सभी ढाई लाख ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी बनाने जा रही है। इस काम की जिम्मेदारी नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) को मिली है। इसकी शुरुआत हरियाणा की 62 सौ ग्राम पंचायतों से होगी।
नेशनल बुक ट्रस्ट के अधिकारी के मुताबिक, सभी ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी बनाई जाएगी। इसमें हर आयु वर्ग के लोगों के आधार पर किताब होंगी। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत इस योजना को शुरू किया जा रहा है। लाइब्रेरी में तो किताबों रखी ही जाएंगी, इसके अलावा ऑनलाइन भी पढ़ने को मिलेंगी। आगामी सालों में डिजिटल लाइब्रेरी भी उपलब्ध होगी।
आजादी के बाद 70 साल के इतिहास को पहली बार जानने का मौका
अभी तक आम लोग किताबों के माध्यम से आजादी से पहले के इतिहास को ही पढ़ते आए हैं। आजादी के बाद 70 सालों में भारत कितना बदला, उसकी सही तस्वीर या जानकारी बेहद कम लोगों के पास होती है। इसलिए सरल भाषा में लिखित किताबों में आजादी के बाद की जानकारी मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा पॉलिसी, आम आदमी के अधिकार, महिलाओं के अधिकार, सीनियर सिटीजन के अधिकार पर आधारित किताब भी उपलब्ध कराई जाएंगी। नेशनल बुक ट्रस्ट 51 भारतीय भाषाओं में किताब तैयार करता है। सीनियर सिटीजन, गृहिणी, ड्रॉपआउट छात्रों को ध्यान में रखकर विशेष किताब भी रखी जाएंगी। वहीं, कृषि, जल संरक्षण, वन, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन आदि पर आधारित किताबें भी होंगी।
हरियाणा में मॉडल प्रोजेक्ट
हरियाणा में मॉडल प्रोजेक्ट के तहत लाइब्रेरी बनेंगी। जिन ग्राम पंचायतों में जहां पहले से भवन होंगे, वहां अगले कुछ दिनों में लाइब्रेरी बनाने का काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद ग्राम पंचायतों में भवन भी बनाए जाएंगे।