हमला करने के बाद एक घर में घुसा, छह घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
ट्रैंक्यूलाइज कर वन विभाग की टीम परीक्षण के लिए ले गई, जल्द जंगल में छोड़ दिया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के जगतपुर गांव में सोमवार सुबह तेंदुआ घुस गया। इससे लोगों में अफरातफरी मच गई। इसी बीच तेंदुए ने चार लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। एक घायल को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई, जबकि तीन का इलाज जारी है। घायलों की पहचान स्थानीय निवासी विपिन, नितिन, आकाश और सतीश कुमार के रूप में हुई है। यह पहली बार है जब तेंदुए ने लोगों पर हमला किया है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
सोमवार सुबह 6:15 बजे गांव में तेंदुआ घुसने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। तेंदुए के हमले के डरे-सहमे लोग अपने-अपने घरों में घुस गए। वन विभाग की अलग-अलग जोन की टीमें मौके पर तैनात रहीं। इसके बाद तेंदुए का रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन करीब छह घंटे तक चला। वयस्क नर तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज
कर वन विभाग की टीम परीक्षण के लिए ले गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को जरूरी स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। फिलहाल तेंदुए को कहीं चोट लगी है या नहीं, इसका पता किया जा रहा है। जल्द उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
वन और वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मध्य वन विभाग को सुबह वन्यजीव विंग मुख्यालय से तत्काल तेंदुए के बचाव की कॉल प्राप्त हुई। इसे जगतपुर गांव में देखा गया था। इसके बाद वन्यजीव बचाव दल तुरंत जुट गया। साथ ही, 30 मिनट के भीतर घटना स्थल पर पहुंच गया। तेंदुआ कुछ लोगों को घायल करने के बाद एक घर के कमरे में घुस गया। इसके बाद एक एनजीओ बचाव दल द्वारा कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया। दिल्ली वन एवं वन्यजीव विभाग के मुख्य वन्यजीव वार्डन व एचओडी डॉ. सुनीश बक्सी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घर के अंदर से तेंदुए को बचाने की योजना बनाई गई। उन्होंने बताया कि जिस कमरे में तेंदुए को बंद किया गया था, वह दूसरे कमरे में खुलता था जिसके दोनों ओर दो छोटे-छोटे कमरे थे। उन्होंने कहा कि तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इस दौरान डीसीएफ मध्य और उत्तर रेंज अधिकारी अनामिका, वन्यजीव गार्ड और पशु संचालक भी पहुंचे। वहीं, डबल और सिंगल बैरल डार्ट गन से राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के पशु चिकित्सक डॉ. अभिजीत भवाल और दक्षिण वन प्रभाग के डॉ. सुमित नागर लैस थे। इस बीच कमरे को घेर लिया गया और जमीन पर एक मोटा जाल बिछा दिया गया, जिसे सुरक्षा उपाय के रूप में घर की सनरूफ पर तैनात एक टीम द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था। इस बीच भारी भीड़ ने घर को घेर रखा था, जिसे पुलिस और वन विभाग संभाल रहे थे। इसके बाद तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज कर लिया गया।
डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची वन विभाग की टीम
गांव के लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची। लोगों ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी तेंदुए होने का वीडियो मांग रहे थे और इसके बाद ही आगे की कार्रवाई करने के लिए बोल रहे थे। स्थानीय निवासी हेमंत ने बताया कि उनके भाई ने वन विभाग को कॉल की थी, लेकिन वन कर्मचारी पुख्ता होने के लिए वीडियो मांग रहे थे।