मंडी हाउस से जंतर-मतर तक किसानों के समर्थन में सिटिजन मार्च निकालने की मंजूरी दिल्ली पुलिस से नहीं मिली। जिसके बाद आयोजन कर्ताओं ने मंडी हाउस पर जमकर हंगामा किया और लगभग चार घंटे तक यहीं धरने पर बैठे रहे। तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों के सहयोग में लगभग दो दर्जन वामपंथी छात्र, महिला और सामाजिक संगठन इस प्रदर्शन में शामिल थे।
दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद दोपहर 12 बजे लगभग 500 से ज्यादा छात्र, महिलाएं व सामाजिक संगठनों के लोग किसानों के समर्थन में मंडी हाउस पहुंच गए थे। जिसमें एआईसीसीटीयू, एआईपीडब्ल्यूए, आइसा, एआईएसएफ, अनहद, सीवाईएसएस, डीएसएफ, डीएसयू, डीवाईएफआई, जेएनयूएसयू, जेएसएम, केवाईएस, एमएसएफ, एनएफआईडब्ल्यू, एनएसयूआई, आरवाईए, संगवारी, एसएफआई, जलेस, जसम, दलेस, प्रतिरोध और प्रलेस जैसे संगठन शामिल थे।
मंडी हाउस पर लोगों का हुजूम बढ़ता देख पुलिस को उस ओर जाने वाले सभी रास्तों को बैरीकेडिंग लगाकर सील करना पड़ा। लगभग पांच बजे तक मंडी हाउस जाने के सभी रास्ते बंद थे। उधर मंडी हाउस पर प्रदर्शन कर रहे लोग शाम को लगभग चार बजे तक डटे हुए थे।
इस दौरान लोग मौके पर ही धरने पर बैठ गए थे। चार बजे के बाद लोग यहां से वापस लौट गए। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. ईश सिंघल ने प्रदर्शनकारियों को दिये जवाब में कहा है कि मंडी हाउस से जंतर-मंतर रोड प्रदर्शन, मार्च और किसी तरह के धरने के लिये नहीं है। इसके अलावा कहा गया है कि जंतर-मंतर पर खास वजह से प्रदर्शन की अनुमति है। लेकिन मौजूदा समय वहां भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती।